GST Complain: हेल्पलाइन पर 17 भाषाओं में कर सकते हैं शिकायत, NCH पर केंद्र सरकार ने बनाया खास सेक्शन
केंद्र ने संशोधित जीएसटी दरों से संबंधित शिकायतों के पंजीकरण और उनके निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के इनग्राम पोर्टल पर एक खास सेक्शन बनाया है। उपभोक्ता अब अपनी शिकायतें 17 भाषाओं में दर्ज कर सकते हैं।
विस्तार
केंद्र ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के इनग्राम पोर्टल पर संशोधित जीएसटी दरों से जुड़ी शिकायतों के लिए एक खास सेक्शन बनाया है। जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर से कई सामान और सेवाओं पर कर दरें घटाई हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, इस पोर्टल को नेक्स्ट-जेन जीएसटी रिफॉर्म्स 2025' के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि उपभोक्ता आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कर सकें और उसका समाधान जल्दी मिल सके।
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इस श्रेणी में ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी और अन्य प्रमुख उप-श्रेणियां शामिल हैं। इनमें जीएसटी से संबंधित शिकायतें दर्ज की जाएंगी।केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारियों द्वारा 11 सितंबर को एक उद्घाटन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य एनसीएच परामर्शदाताओं को जीएसटी से संबंधित प्रश्नों और शिकायतों को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम बनाना था।
इस कदम से जीएसटी अनुपालन होगी मजबूत
बयान में कहा गया है कि यह हेल्पलाइन इस क्षेत्र के अंतर्गत उपभोक्ता शिकायतों से प्राप्त आंकड़ों और जानकारियों को संबंधित कंपनियों, सीबीआईसी और अन्य संबंधित प्राधिकारियों के साथ साझा करेगी, ताकि प्रासंगिक कानूनों के तहत समय पर कार्रवाई की जा सके। इस कदम से जीएसटी अनुपालन को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को निष्पक्ष बाजार प्रथाओं में सक्रिय हितधारक बनने के लिए सशक्त बनाकर भागीदारीपूर्ण शासन मॉडल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
17 भाषाओं में कर सकते हैं शिकायत दर्ज
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन अब पूरे देश में उपभोक्ताओं के लिए एक ही जगह से शिकायत दर्ज कराने का प्लेटफॉर्म बन गई है। यह सुविधा प्री-लिटिगेशन स्तर पर काम करती है। इससे उपभोक्ता सीधे समाधान पा सकते हैं। उपभोक्ता अब अपनी शिकायतें 17 भाषाओं में दर्ज कर सकते हैं। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, कश्मीरी, पंजाबी, नेपाली, गुजराती, मराठी, कन्नड़, तेलुगू, तमिल, मलयालम, मैथिली, संथाली, बंगाली, उड़िया, असमिया और मणिपुरी शामिल हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर 1915 या INGRAM पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
यह IT-आधारित प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप, SMS, ईमेल, NCH ऐप, वेब पोर्टल और उमंग ऐप जैसे कई चैनलों के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। हर शिकायत को विशेष डॉकेट नंबर दिया जाता है, जिससे ट्रैकिंग और समाधान में पारदर्शिता बनी रहती है।
एनसीएच में अपग्रेड होने से क्षमता में हुई सुधार
NCH में तकनीकी अपग्रेड के बाद कॉल हैंडलिंग क्षमता में भी सुधार हुआ है। दिसंबर 2015 में 12,553 कॉल्स प्राप्त हुई थीं, जो दिसंबर 2024 में बढ़कर 1,55,138 कॉल्स हो गईं। वहीं, 2017 में प्रति माह औसतन 37,062 शिकायतें दर्ज होती थीं, जो 2025 में बढ़कर 1,70,585 हो गई हैं। कुल शिकायतों में लगभग 65 प्रतिशत ऑनलाइन और डिजिटल चैनलों के माध्यम से दर्ज की जा रही हैं।