कब शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें? उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया जवाब
- लॉकडाउन के दौरान करीब 2,75,000 भारतीय जो फ्लाइट्स और शिप्स के जरिए वापस लाया गया है।
- तीसरे और चौथे चरण में फंसे हुए लोगों के लिए 750 उड़ानों के संचालन की पेशकश की गई है।
- अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को दोबारा शुरू करने का फैसला अन्य देशों के फ्लाइट्स चालू करने पर निर्भर करेगा।
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विस्तार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी बताया कि हमारी फ्लाइट की संख्या को बढ़ाने की क्षमता पूरी तरह से गंतव्य स्थान की फ्लाइट को लेने की इच्छा पर निर्भर करती है। आगे उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यातायात ने जो भी सुझाव दिया है हम केवल वही कर रहे हैं। जब हम अंतरराष्ट्रीय उड़ान फिर से शुरू करेंगे, उस समय पर उड़ान प्राप्त करने के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहना होगा। यानी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को दोबारा शुरू करने का फैसला अन्य देशों के फ्लाइट्स चालू करने पर निर्भर करेगा।
In absence of a decision on resumption of international civil aviation which will depend on other countries opening up, we are left with no option but to continue what I call evacuation & repatriation flights under managed & controlled conditions: Civil Aviation Minister https://t.co/5geDr5kv7q
— ANI (@ANI) June 20, 2020विज्ञापन
लॉकडाउन के 2,75,000 लोगों की हुई देश वापसी
घरेलू निजी विमानन कंपनियों को वंदे भारत मिशन के तीसरे और चौथे चरण में फंसे हुए लोगों के लिए 750 उड़ानों के संचालन की पेशकश की गई है। लॉकडाउन के दौरान करीब 2,75,000 भारतीय जो विदेशों में फंसे थे, उन्हें फ्लाइट्स और शिप्स के जरिए वापस लाया गया है। इस महामारी के दौर में ये कोई छोटी संख्या नहीं है।
केरल में आए सबसे ज्यादा यात्री
उन्होंने कहा कि, 'इस मिशन के तहत सबसे ज्यादा यात्री केरल में आए हैं। हमारी फ्लाइट की संख्या को बढ़ाने की क्षमता पूरी तरह से गंतव्य स्थान की फ्लाइट को लेनी की इच्छा पर निर्भर करती है।'
हवाई किराए पर भी दिया बयान
एयर फेयर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगाए गए ऊपरी और निचले सीमा को 24 अगस्त से आगे बढ़ाया जा सकता है। 21 मई को कहा गया था कि ये सीमाएं तीन महीने की अवधि के लिए होंगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है।
उल्लेखनीय है कि भारत ने कोरोना वायरस के मद्देनजर 22 मार्च को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद घरेलू उड़ानों पर भी रोक लगाई गई थी। कुछ सीमित रूटों पर घरेलू उड़ानों को 25 मई से इजाजत दे दी गई लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध जारी है। छह मई को वंदे भारत मिशन की शुरुआत हुई, जिसके तहत विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा रहा है।