GST Reforms: 'जीएसटी सुधारों को जनता ने बेहतर तरीके से अपनाया', बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधारों को लोगों ने बेहद अच्छे तरीके से अपनाया है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जीएसटी सुधारों का असर अब उपभोग और निवेश के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी सुधारों को देश की जनता ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। उन्होंने याद किया कि जीएसटी की शुरुआत नवरात्रि के पहले दिन की गई थी, और कहा कि लोगों ने इसे बेहद अच्छे तरीके से अपनाया है।
सरकार वस्तुओं के दामों पर रख रही नजर
वित्त मंत्री शनिवार को आयोजित जीएसटी बचत उत्सव के दौरान मीडिया को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बताया कि सरकार 22 सितंबर से लागू नई जीएसटी दरों के बाद 54 वस्तुओं के दामों पर नजर रख रही है। सीतारमण ने कहा कि हम इस बात से आश्वस्त हैं कि कंपनियां दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं। कुछ मामलों में तो कारोबारियों ने जीएसटी में कटौती से भी अधिक लाभ ग्राहकों को दिया है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मामलों के विभाग को अब तक 3,169 शिकायतें मिली हैं जो जीएसटी कटौती के अनुरूप कीमतें न घटाने से संबंधित हैं। इनमें से 3,075 शिकायतें केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के नोडल अधिकारियों को भेजी गई हैं, जबकि 94 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।
सीतारमण ने बताया कि जल्द ही विभाग अपने शिकायत निवारण पोर्टल पर एक नई सुविधा जोड़ेगा, जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतें सीधे संबंधित जोन के मुख्य आयुक्तों को भेजी जा सकेंगी।
जीएसटी सुधारों का टैरिफ युद्ध से कोई लेना-देना नहीं
सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि हाल में लागू किए गए जीएसटी सुधारों का टैरिफ युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सुधार प्रक्रिया पर पिछले डेढ़ साल से काम चल रहा था और यह कदम पहले से तय योजना का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह सुधार पिछले डेढ़ साल से प्रक्रिया में था। उस समय किसी ने टैरिफ युद्ध के बारे में नहीं सोचा था। कई मंत्रियों के समूह इस पर लगातार काम कर रहे थे। सरकार के पैकेज को जीएसटी परिषद को भेजा गया था और परिषद ने इसे संबंधित समूहों के पास विचार के लिए भेजा। इस पर कई स्तरों पर चर्चा हुई है। उन्होंने आगे कहा कि इसका टैरिफ युद्ध से कोई संबंध नहीं है। यह सुधार लंबे समय से लंबित था और इसे अब लागू किया गया है।
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जीएसटी सुधारों का असर दिखाई दे रहा
इस बीच, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जीएसटी सुधारों का असर अब उपभोग और निवेश के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष हमारा जीडीपी 335 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें से 202 लाख करोड़ रुपये उपभोग और 98 लाख करोड़ रुपये निवेश का हिस्सा था। जीएसटी सुधारों के चलते इस वर्ष खपत में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की संभावना है, यानी लगभग 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत हो सकती है।
वैष्णव ने बताया कि सभी रिटेल चैनलों के आंकड़ों के अनुसार, इस नवरात्रि के दौरान बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 20-25 प्रतिशत अधिक रही। उन्होंने कहा कि कुछ श्रेणियों, जैसे 85-इंच टीवी, के स्टॉक पूरी तरह बिक चुके हैं।
खपत 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की संभावना
मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बढ़ती मांग सीधे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को प्रभावित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन अब डबल-डिजिट CAGR की दर से बढ़ रहा है। इस वर्ष खपत 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ सकती है, यानी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत होने की संभावना है।
स्मार्टफोन निर्यात में भारत ने चीन को पीछे छोड़ा
वैष्णव ने यह भी बताया कि भारत ने इस वर्ष स्मार्टफोन निर्यात के मामले में अपने पड़ोसी देश को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका को सबसे अधिक निर्यात किया है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक कंपनियों का विनिर्माण भारत में हो रहा है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा
वहीं, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत किया है। पहली तिमाही हमने 7.8 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की।
कई वर्षों बाद एसएंडपी ने भारत की रेटिंग बढ़ाई
गोयल ने आगे बताया कि सरकार, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियां देश को महंगाई के प्रभाव से बचाने में मदद कर रही हैं। पिछले महीने मुद्रास्फीति दर आठ वर्षों के निचले स्तर 1.5 प्रतिशत पर रही। 17-18 साल बाद एसएंडपी ने भारत की रेटिंग एक पायदान ऊपर बढ़ाई और स्थिर दृष्टिकोण बनाए रखा है। उन्होंने ने त्योहारी मांग का उदाहरण देते हुए कहा कि नवरात्रि के पहले आठ दिनों में ही मारुति सुजुकी ने 1.65 लाख कारें बेचीं, जो उपभोग में तेजी का साफ संकेत है।