द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स 382 अंक टूटा, निफ्टी भी लुढ़का; रुपया कमजोर
आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 382 अंक और निफ्टी 118 अंक से अधिक लुढ़क गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी 7 पैसे कमजोर होकर 94.50 पर बंद हुआ। जानें बाजार के इस उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण।
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भारतीय शेयर बाजार में आज निवेशकों को बड़ा झटका लगा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर होकर बंद हुआ।
सेंसेक्स 382.62 अंक गिरकर 76,132.81 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 118.55 अंकों की गिरावट आई। यह 23,779.15 के स्तर पर ठहरा। आज के कारोबार में निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। बाजार में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों का भी असर दिखा। कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक बाजार के कमजोर रुख और घरेलू स्तर पर बिकवाली के दबाव के कारण हुई। निवेशकों ने मुनाफावसूली पर जोर दिया, जिससे बाजार में नकारात्मक धारणा बनी। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कुछ बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी अपनी हिस्सेदारी बेची।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, घरेलू मुख्य बेंचमार्क सूचकांक और लार्ज-कैप शेयर होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रमों से प्रभावित हैं। वहीं, व्यापक बाजार में एक स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है। छोटे और चुनिंदा मिड-कैप शेयरों में मजबूत आय के कारण तेजी आई है।
2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में हुई बिकवाली के बाद वैल्यू बाइंग ने जोर पकड़ा है। इससे मूल्यांकन आकर्षक हो गए हैं क्योंकि कंपनियों की आय में गिरावट से सुधार देखा जा रहा है। हालांकि, व्यापक बाजार की यह तेजी अब खिंचती जा रही है। इससे दलाल स्ट्रीट आपूर्ति-शृंखला में व्यवधानों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गई है। कमजोर मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों का जोखिम भी बढ़ गया है।
डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों कमजोर हुआ?
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 94.50 के अनंतिम स्तर पर बंद हुआ। रुपये में यह गिरावट डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी के बहिर्वाह के कारण हुई।