जीएसटी में 67 लाख नए करदाताओं की होगी जांच, शेल कंपनियों से जुड़े हो सकते हैं पंजीकरण
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत राजस्व बढ़ाने के प्रयासों के क्रम में जीएसटी परिषद ने करदाताओं के 66.79 लाख नए पंजीकरणों का सत्यापन शुरू कर दिया है। एकीकृत जीएसटी पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) के संयोजक और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि ये नए पंजीकरण शेल कंपनियों से जुड़े हो सकते हैं।
जीओएम की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि 66.79 लाख नए करदाताओं का कुल जीएसटी में महज 15 फीसदी ही योगदान है। इस प्रकार हमें उनसे सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपये कर ही मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए, हम नए करदाताओं की सख्त निगरानी कर रहे हैं, जिससे सुनिश्चित हो सके कि ये फर्जी नहीं हैं।’
मोदी ने कहा कि जीएसटी की पेशकश के बाद से अब तक सक्रिय करदाताओं की संख्या बढ़कर 1.21 करोड़ तक पहुंच गई है, जिनमें 66.79 लाख नए पंजीकरण हैं। उनके मुताबिक, कई राज्यों ने परिसरों के दौरे, लोकेशन की जियो-टैगिंग और मोबाइल फोन के द्वारा सिस्टम पर फोटोग्राफ अपलोड करे इन कंपनियों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है।
3.47 लाख डीलर्स के ई-वे बिल किए ब्लॉक
बिहार के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने एक सामान्य रिटर्न 3बी की पेशकश भी की है, जिसे हर महीने भरना है। मोदी ने कहा, ‘हमने जीएसटी परिषद की एक बैठक में किसी कंपनी द्वारा लगातार दो महीने 3बी रिटर्न नहीं भरने पर उनका ई-वे बिल बंद करने का फैसला लिया है।’
उन्होंने कहा कि अभी तक सिस्टम द्वारा अभी तक 3.47 लाख डीलर्स के ई-वे बिल ब्लॉक किए जा चुके हैं और जितनी जल्दी 3बी रिटर्न भरना शुरू हो जाएगा, उतनी जल्दी स्वत: ही ई-वे बिल जारी होना शुरू हो जाएगा।
जीएसटीआर-1 में देरी पर विलंब शुल्क से छूट
उन्होंने कहा कि बैठक में जीएसटीआर-1 के अंतर्गत प्रति दिन 100 रुपये के विलंब शुल्क या बाहर आपूर्ति को छूट देने का भी फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘जीएसटी रिटर्न-1 नही भरने वालों को यह मौका एक बार के लिए है।’
विभागीय स्तर पर जीएसटी रिफंड का भारी बैकलॉग होने की बात स्वीकार करते हुए मोदी ने कहा कि 77,038 आवेदनों से संबंधित लगभग 25,170 करोड़ रुपये का ऑनलाइन रिफंड लंबित है। उन्होंने कहा कि इसमें से 5,912 आवेदनों से संबंधित 2,503 करोड़ रुपये के रिफंड जारी कर दिए गए हैं और ऑनलाइन रिफंड भी तेजी से जारी किए जा रहे हैं।
आनलाइन रिफंड में देरी कर रहे राज्य
रिफंड जारी किए जाने में सुस्ती पर मोदी ने कहा कि कई राज्य ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राज्य ऑनलाइन आवेदन लेने में देरी कर रहे हैं। कभी कभार वे स्वीकार करते हैं तो उन्हें कमियों से जुड़े मेमो जारी करने होते हैं, जो अभी जारी नहीं किए जा रहे हैं। हमने इससे संबंधित ब्योरा देखा है और राज्यों से इन रिफंड को जारी करने में तेजी लाने के लिए कहा है। अब सिस्टम खासा सरल हो गया है।’ मोदी ने कहा कि नई रिटर्न प्रणाली 1 अप्रैल, 2020 से शुरू कर दी जाएगी।