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New GST Rates: नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू होंगी, काउंसिल ने पांच और 18 फीसदी की टैक्स स्लैब को दी मंजूरी
Wed, 03 Sep 2025 09:43 PM IST
पवन पांडेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 03 Sep 2025 09:43 PM IST
सार
New GST Rates: देश में जीएसटी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को अपनी मैराथन बैठक में दो-स्तरीय टैक्स स्लैब को मंजूरी दे दी है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। जानें नई जीएसटी दर से जुड़ें सभी अपडेट्स..
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जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद निर्मला सीतारमण का वक्तव्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस बैठक के खत्म होने के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की, वहीं इस बैठक में परिषद के तमाम सदस्य भी शामिल हुए। बता दें कि इस बैठक में 33 सदस्यीय समिति आठ साल पुराने जीएसटी कर ढांचे में बड़े बदलावों पर चर्चा की है। इससे पहले 15 अगस्त को पीएम मोदी ने लाल किले से जीएसटी में संसोधन की बात कही थी। इसके बाद सरकार ने जीएसटी की दो मुख्य दरें तय करने का प्रस्ताव रखा था। इसमें पहला पांच फीसदी और दूसरा 18 फीसदी। वहीं इसके अलावा, लक्जरी और हानिकारक वस्तुओं (जैसे शराब, तंबाकू आदि) पर 40 प्रतिशत का विशेष कर लगाने का प्रस्ताव था।
नई टैक्स दरें- सिर्फ दो स्लैब- 5% और 18%
इस बैठक के बाद वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अब देश में जीएसटी की दरें सरल होंगी। फिलहाल अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर कई तरह की टैक्स दरें लागू हैं, लेकिन अब इसे दो स्लैब में समेटा गया है। इस बदलाव का मकसद टैक्स प्रणाली को आसान और पारदर्शी बनाना है, जिससे कारोबारियों और आम जनता दोनों को राहत मिलेगी।
जीएसटी में बदलाव पर अन्य जरूरी खबरें-
जीएसटी काउंसिल की यह 56वीं बैठक थी, जो लगभग 10 घंटे 30 मिनट तक चली। इस दौरान केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री कई अहम कर प्रस्तावों पर चर्चा की। इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता रही।
सभी राज्यों की सहमति- सम्राट चौधरी
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि इस फैसले पर सभी राज्यों की सहमति रही। उन्होंने कहा, 'यह एक सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। सभी राज्यों ने जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने का समर्थन किया।' इसका मतलब है कि किसी भी राज्य ने इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया।
जीएसटी दरों सभी सहमत हुए- प्रमोद सावंत
वहीं 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा, 'जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर सभी सहमत हुए हैं।'
हालांकि, इस फैसले से केंद्र और राज्यों के राजस्व पर असर पड़ेगा। पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि दरों में बदलाव से कुल 47,700 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह घाटा केंद्र और राज्यों के बीच साझा रूप से महसूस किया जाएगा।
'डिमेरिट गुड्स' पर अभी फैसला नहीं
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शराब, तंबाकू और लग्जरी कार जैसी 'डिमेरिट गुड्स' पर टैक्स दरों को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वर्तमान में इन पर 40% जीएसटी लगता है। सुरेश खन्ना ने आगे कहा, '40 प्रतिशत टैक्स के ऊपर अतिरिक्त लेवी लगाने का निर्णय बाद में किया जाएगा।' इसका मतलब है कि इन उत्पादों की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
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नई टैक्स दरें- सिर्फ दो स्लैब- 5% और 18%
इस बैठक के बाद वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अब देश में जीएसटी की दरें सरल होंगी। फिलहाल अलग-अलग वस्तुओं और सेवाओं पर कई तरह की टैक्स दरें लागू हैं, लेकिन अब इसे दो स्लैब में समेटा गया है। इस बदलाव का मकसद टैक्स प्रणाली को आसान और पारदर्शी बनाना है, जिससे कारोबारियों और आम जनता दोनों को राहत मिलेगी।
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जीएसटी काउंसिल की यह 56वीं बैठक थी, जो लगभग 10 घंटे 30 मिनट तक चली। इस दौरान केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्री कई अहम कर प्रस्तावों पर चर्चा की। इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता रही।
सभी राज्यों की सहमति- सम्राट चौधरी
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि इस फैसले पर सभी राज्यों की सहमति रही। उन्होंने कहा, 'यह एक सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है। सभी राज्यों ने जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने का समर्थन किया।' इसका मतलब है कि किसी भी राज्य ने इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया।
जीएसटी दरों सभी सहमत हुए- प्रमोद सावंत
वहीं 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा, 'जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर सभी सहमत हुए हैं।'
राजस्व पर असर- 47700 करोड़ का घाटा#WATCH | Delhi: After the 56th GST Council meeting, Goa CM Pramod Sawant says, "Everyone has agreed on the rationalisation of GST rates." pic.twitter.com/sXoPauTx6I
— ANI (@ANI) September 3, 2025
हालांकि, इस फैसले से केंद्र और राज्यों के राजस्व पर असर पड़ेगा। पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि दरों में बदलाव से कुल 47,700 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह घाटा केंद्र और राज्यों के बीच साझा रूप से महसूस किया जाएगा।
'डिमेरिट गुड्स' पर अभी फैसला नहीं
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शराब, तंबाकू और लग्जरी कार जैसी 'डिमेरिट गुड्स' पर टैक्स दरों को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वर्तमान में इन पर 40% जीएसटी लगता है। सुरेश खन्ना ने आगे कहा, '40 प्रतिशत टैक्स के ऊपर अतिरिक्त लेवी लगाने का निर्णय बाद में किया जाएगा।' इसका मतलब है कि इन उत्पादों की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
22 सितंबर के बाद नई दरें लागू होते ही बाजार में कुछ वस्तुओं की कीमतें घट सकती हैं, खासकर उन पर जो पहले 12% या 28% स्लैब में थीं। सरकार राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए डिमेरिट गुड्स पर अतिरिक्त टैक्स लगाने पर विचार कर सकती है। इस फैसले के साथ जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।#WATCH | Delhi: Jammu and Kashmir CM Omar Abdullah leaves after attending the 56th GST Council meeting pic.twitter.com/Xjl8JeyGkW
— ANI (@ANI) September 3, 2025