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जीएसटी संग्रह: घरेलू खपत बढ़ने से 10% उछाल, कुल 1.75 लाख करोड़ हुआ; जुलाई में कई वस्तुओं का आयात भी बढ़ा
Sun, 01 Sep 2024 06:20 PM IST
शिव शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sun, 01 Sep 2024 06:20 PM IST
सार
जीएसटी संग्रह 10 फीसदी बढ़कर 1.75 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। बीते साल अगस्त में माल और सेवा कर (जीएसटी) राजस्व 1.59 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, इस साल जुलाई में जीएसटी राजस्व 1.82 लाख करोड़ रुपये था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में घरेलू लेनदेन और वस्तुओं के आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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जीएसटी।
- फोटो : सोशल मीडिया।
विस्तार
घरेलू खपत व वस्तुओं के आयात में वृद्धि से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह अगस्त, 2024 में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, मासिक आधार पर जीएसटी के रूप में सरकार की कमाई में गिरावट आई है। जुलाई, 2024 में जीएसटी संग्रह 1.82 लाख करोड़ रुपये और अगस्त, 2023 में 1.59 लाख करोड़ रहा था। सरकार को अप्रैल, 2024 में जीएसटी के रूप में अब तक की सर्वाधिक 2.10 लाख करोड़ की कमाई हुई थी।
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सरकार की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1,74,962 करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की हिस्सेदारी 30,862 करोड़ रुपये रही। इसके अलावा, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का 38,411 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) का 44,593 करोड़ और सेस का 11,120 करोड़ रुपये का योगदान रहा।
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आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने खपत बढ़ने से घरेलू राजस्व 9.2 फीसदी बढ़कर करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। अगस्त, 2023 में यह आंकड़ा 1.14 लाख करोड़ रुपये रहा था। वस्तुओं के आयात से सकल जीएसटी राजस्व 12.1 फीसदी बढ़कर 49,976 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 44,566 करोड़ रुपये रहा था।
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182075 करोड़ रुपये रही थी सकल जीएसटी वसूली जुलाई, 2024 में
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिफंड के बाद शुद्ध राजस्व में 6.5 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त में 24,460 करोड़ के रिफंड जारी किए गए, जो सालाना आधार पर 38 फीसदी अधिक है। रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 6.5% बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये रहा।
जीडीपी मजबूत, त्योहारी सीजन में बढ़ेगी खपत
डेलॉय इंडिया के पार्टनर एमएस मणि ने कहा, इस साल के त्योहारी सीजन की शुरुआत में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि घरेलू खपत मजबूत है। आने वाले त्योहारी महीनों में इसमें और सुधार होने की उम्मीद है। मणि ने कहा, यह भरोसा बढ़ेगा कि साल के लिए जीएसटी संग्रह के लक्ष्य हासिल हो जाएंगे। हालांकि, प्रमुख राज्यों में जीएसटी संग्रह वृद्धि में कुछ अंतर हैं, जिन पर विचार की जरूरत है। ईवाई टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा, सकल जीएसटी संग्रह में लगातार वृद्धि यह बताती है कि अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है।
यूपीआई : रिकॉर्ड 14.96 अरब लेनदेन, 41% वृद्धि
UPI, online payment
- फोटो : ANI
यूपीआई के जरिये लेनदेन में संख्या और मूल्य दोनों के लिहाज से तेजी आई है। संख्या के लिहाज से अगस्त, 2024 में रिकॉर्ड 14.96 अरब यूपीआई लेनदेन हुए। यह संख्या एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 41 फीसदी अधिक है। मूल्य के लिहाज से इस दौरान कुल 20.61 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदे हुए, जो सालाना आधार पर 31 फीसदी अधिक है। यह लगातार चौथा महीना है, जब यूपीआई के जरिये लेनदेन 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिये प्रतिदिन औसत लेनदेन की संख्या बढ़कर पिछले महीने 48.3 करोड़ पहुंच गई। मूल्य के लिहाज से प्रतिदिन औसत 66,475 करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए। आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान करीब 81 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 37 फीसदी अधिक है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिये प्रतिदिन औसत लेनदेन की संख्या बढ़कर पिछले महीने 48.3 करोड़ पहुंच गई। मूल्य के लिहाज से प्रतिदिन औसत 66,475 करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए। आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान करीब 81 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन हुए। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 37 फीसदी अधिक है।
21 बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने तीन माह में बेची 35 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां
रीयल एस्टेड सेक्टर
- फोटो : amarujala.com
रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ीं 21 प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों ने अप्रैल-जून तिमाही में कुल करीब 35,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां बेची हैं। संयुक्त बिक्री में आवासीय क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी रही है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गोदरेज प्रॉपर्टीज जून तिमाही में 8,637 करोड़ रुपये की बिक्री-बुकिंग के साथ सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी के रूप में उभरी।
- बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी डीएलएफ लि. की पहली तिमाही में बिक्री-बुकिंग तीन गुना से अधिक बढ़कर 6,404 करोड़ रुपये पहुंच गई।
- लोढ़ा ब्रांड के तहत संपत्तियां बेचने वाली मैक्रोटेक डेवलपर्स ने 4,030 करोड़ की बिक्री-बुकिंग दर्ज की। हाल ही में सूचीबद्ध सिग्नेचर ग्लोबल ने 3,120 करोड़ रुपये की बिक्री-बुकिंग हासिल की, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में तीन गुना है।
बिजली खपत : 4.7 फीसदी घटकर 144.2 अरब यूनिट
देश में बिजली खपत घटी
- फोटो : Istock
देश में बिजली खपत अगस्त, 2024 में सालाना आधार पर 4.7 फीसदी घटकर 144.21 अरब यूनिट रह गई। इसका मुख्य कारण सामान्य से अधिक बारिश होना है, जिसके कारण एयर कंडीशनर और डेजर्ट कूलर जैसे उपकरणों का उपयोग कम हो गया। अगस्त, 2023 में बिजली खपत 151.32 अरब यूनिट रही थी।
- आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में बिजली की सबसे अधिक आपूर्ति भी अगस्त, 2024 में घटकर 216.68 गीगावाट रह गई। अगस्त, 2023 में यह 236.29 गीगावाट थी।
- इस साल मई में बिजली की अधिकतम मांग करीब 250 गीगावाट के सार्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। पिछली रिकॉर्ड उच्चतम मांग 243.27 गीगावाट सितंबर, 2023 में रही थी।
- बिजली मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि इस साल गर्मी में अधिकतम बिजली की मांग बढ़कर 260 गीगावाट के स्तर तक पहुंच सकती है।