GST: बीते महीने 1.74 लाख करोड़ रुपये हुआ जीएसटी संग्रह, पिछले साल जून के मुकाबले आठ फीसदी की बढ़ोतरी
कर संग्रह के मामले में इस वर्ष जून में मई के मुकाबले वृद्धि देखने को मिली है। मई 2024 में कुल मिलाकर 1.74 लाख करोड़ का कर संग्रह किया गया था। यह वर्ष 2023 के जून महीने से आठ प्रतिशत अधिक था। जून 2024 में कुल कर संग्रह 1.61 लाख करोड़ था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जून, 2024 में सालाना आधार पर 7.7 फीसदी बढ़कर करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। जीएसटी संग्रह में वृद्धि की यह रफ्तार जुलाई, 2021 के बाद करीब तीन साल में सबसे कम है। अप्रैल, 2024 और मई में कर संग्रह के रूप में केंद्र सरकार की कमाई क्रमशः 12.4 फीसदी और 10 फीसदी बढ़ी थी।
सूत्रों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अब तक (अप्रैल-जून) कुल 5.57 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ है। इस तरह, पिछले तीन महीने में औसत कर संग्रह 1.86 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वित्त वर्ष 2023-24 में यह औसत 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा था।
जीएसटी के जरिये सरकार को अप्रैल, 2024 में अब तक की सबसे ज्यादा 2.10 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। जून, 2023 में कर संग्रह 161,497 करोड़ रुपये और इस साल मई में 1,72,739 करोड़ रुपये रहा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जून के करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) की हिस्सेदारी 39,586 करोड़ रुपये रही। राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का योगदान 33,548 करोड़ रुपये रहा। 2023-24 के दौरान जीडीपी में जीएसटी का योगदान बढ़कर तीन फीसदी पहुंच गया, जो 2019-20 में 2.6 फीसदी रहा था।
हर घर को राहत, तेजी से बढ़ा करदाताओं का आधार
वित्त मंत्रालय ने कहा, जीएसटी आने से घरेलू उत्पादों व मोबाइल फोन के लिए कर की दरें कम हुई हैं। इससे हर घर को राहत मिली है। बेहतर अनुपालन से करदाताओं का आधार तेजी से बढ़ा है।
बिजली खपत : 9% बढ़कर 152 अरब यूनिट
भीषण गर्मी के कारण एयर कंडीशनर और कूलर का इस्तेमाल बढ़ने से देश में बिजली की खपत जून में सालाना आधार पर करीब 9 फीसदी बढ़कर 152.38 अरब यूनिट पहुंच गई। जून, 2023 में बिजली खपत 140.27 अरब यूनिट रही थी। एक दिन में बिजली की अधिकतम मांग भी एक साल पहले की समान अवधि के 223.29 गीगावॉट से बढ़कर जून में 245.41 गीगावॉट पहुंच गई। भीषण गर्मी के कारण बिजली की अधिकतम मांग इस साल मई में बढ़कर 250.20 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। बिजली मंत्रालय ने गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग करीब 260 गीगावॉट रहने का अनुमान लगाया है।
यूपीआई लेनदेन : घटकर 20.07 लाख करोड़ रुपये
यूपीआई के जरिये लेनदेन में संख्या और मूल्य दोनों के लिहाज से मासिक आधार पर गिरावट आई है। संख्या के लिहाज से यूपीआई लेनदेन जून, 2024 में एक फीसदी घटकर 13.89 अरब रह गया। मई, 2024 में यह आंकड़ा 14.04 अरब था। मूल्य के लिहाज से यूपीआई के जरिये लेनदेन मई के 20.45 लाख करोड़ रुपये से 2 फीसदी घटकर 20.07 लाख करोड़ रुपये रह गया। आईएमपीएस लेनदेन संख्या के लिहाज से 7 फीसदी घटकर 5.17 करोड़ रह गया। मूल्य के आधार पर लेनदेन 5 फीसदी कम होकर 5.78 लाख करोड़ रुपये रह गया। फास्टैग लेनदेन में भी संख्या और मूल्य के लिहाज से क्रमशः 4 फीसदी एवं 2 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान फास्टैग के जरिये 5,780 करोड़ रुपये के 33.4 करोड़ लेनदेन हुए।
विनिर्माण पीएमआई : 19 साल में सबसे तेज नियुक्ति
देश का विनिर्माण क्षेत्र मई, 2024 की गिरावट से उबरने के बाद जून में तेज रफ्तार से बढ़ा है। खास बात है कि अनुकूल मांग के बीच नए ऑर्डर मिलने और खरीद में वृद्धि से रोजगार के मोर्चे पर रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला। सोमवार को जारी एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) बढ़कर 58.3 पहुंच गया। मई में यह 57.5 था। विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में जुलाई, 2021 के बाद से 36वें महीने तेजी देखने को मिली है।एचएसबीसी के अनुसार, 19 वर्षों से ज्यादा के आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनियों ने सबसे तेज दर से भर्तियां की। लागत का दबाव मई से कम होने के बावजूद दो वर्षों में सर्वाधिक रहा। एचएसबीसी की अर्थशास्त्री मैत्रेयी दास ने कहा, नए निर्यात ऑर्डरों में फिर काफी वृद्धि देखी गई। एशिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, यूरोप और अमेरिका से सबसे ज्यादा नए ऑर्डर मिले।
जीएसटी से विवाद समाधान में तेजी
जीएसटी के लागू हुए सोमवार को सात साल हो गए। इस अवधि में पंजीकृत करदाताओं की संख्या बढ़कर 1.46 करोड़ पहुंच गई है। जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना से कारोबारियों के लिए विवाद समाधान प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है।
इस साल अब तक सरकार को कमाई
- जनवरी 1,74, 106
- फरवरी 1,68, 337
- मार्च 1, 78, 484
- अप्रैल 2, 10, 267
- मई 1, 72, 739
- जून 1, 74, 000