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Budget 2025: कैंसर रोगियों के लिए सभी जिला अस्पतालों में स्थापित होंगे डेकेयर सेंटर, कर मुक्त हुईं 36 दवाएं

Sat, 01 Feb 2025 12:27 PM IST
राहुल कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sat, 01 Feb 2025 12:27 PM IST
सार

निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में एलान किया कि कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित 36 जीवन रक्षक दवाओं को कर मुक्त किया गया है। इसके साथ ही कैंसर रोगियों के इलाज के लिए भी बड़ा एलान किया है। 
 

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Govt to set up daycare cancer centres in all district hospitals over next 3 years: Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : पीटीआई

विस्तार

2025-26 के लिए अपना आठवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, केंद्र सरकार अगले तीन सालों में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगी और इनमें से 200 केंद्र 2025-26 में स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्रयोग की जाने वाली 36 जीवन रक्षक दवाओं पर लगने वाले बुनियादी सीमा शुल्क को पूरी तरह से हटाने का प्रस्ताव किया है।
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उन्होंने कहा कि सरकार अगले तीन सालों में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, 2025-26 में ही 200 सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सीतारमण ने कहा, रोगियों, विशेष रूप से कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए, मैं 36 जीवनरक्षक दवाओं को उन दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं, जिन पर पूरी तरह से सीमा शुल्क छूट होगी।  इसके अलावा, छह जीवनरक्षक दवाओं को 5 फीसदी की रियायती सीमा शुल्क सूची में जोड़ा जाएगा। इन दवाओं के निर्माण के लिए आवश्यक बल्क ड्रग्स पर भी पूरी छूट या रियायती दर लागू होगी।
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पिछले बजट में भी सरकार ने कैंसर की तीन प्रमुख दवाओं- ट्रैस्टुजुमाब डेरुक्सटेकन, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमाब पर जीएसटी में कटौती करने का निर्णय लिया था। सीतारमण ने कहा कि अब मैं 37 और जीवनरक्षक दवाओं को इस सूची में जोड़ने और 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों को शामिल करने का प्रस्ताव करती हूं। 
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शनिवार को अपना आठवां लगातार बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, रोगियों, विशेष रूप से कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए, मैं 36 जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों को उन दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं, जिन पर पूरी तरह से मूल सीमा शुल्क छूट होगी।

कैंसर की दवाओं में एस्किमिनिब, डारातुमुमैब, टेक्लिस्टामैब, मेपोलिजुमैब, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रिस्डिप्लम शामिल हैं। ये दवाएं काफी महंगी हैं। रिस्डिप्लम का उपयोग स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी के इलाज में होता है। इसका सालाना खर्च मरीज पर 72 लाख से 1.86 करोड़ रुपये तक आता है।

इसके अलावा, उन्होंने उल्लेख किया कि फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा संचालित 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (रोगी सहायता कार्यक्रम) के तहत दी जाने वाली निर्दिष्ट दवाओं और औषधियों को पूरी तरह से मूल सीमा शुल्क से मुक्त रखा गया है, बशर्ते ये दवाएं रोगियों को निःशुल्क प्रदान की जाएं।


मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सीटें बढ़ाने के बारे में उन्होंने कहा,  हमारी सरकार ने 10 वर्षों में लगभग 1.1 लाख स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा सीटें जोड़ी हैं। यह 130 प्रतिशत की वृद्धि है। मंत्री ने यह भी बताया कि सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। सीतारमण ने कहा कि गिग वर्कर्स को पीएम जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

 
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