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केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा: माल्या, नीरव और चोकसी से 19111 करोड़ जब्त, ईडी ने की 4850 मामलों की जांच
Thu, 24 Feb 2022 08:06 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Thu, 24 Feb 2022 08:06 PM IST
सार
तीन भगोड़े अपराधियों विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी द्वारा 22,585.83 करोड़ रुपये की कुल धोखाधड़ी के मामले में अब तक 19,111.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। केंद्र की तरफ से यह जानकारी सॉलिसिटर जनरल तुषर मेहता ने प्रस्तुत की। इसके साथ ही केंद्र ने बताया कि पिछले 17 वर्षों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 4,850 मामलों की जांच की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को बताया गया कि अपराध की राशि की समय पर कुर्की के चलते तीन भगोड़े अपराधियों विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी द्वारा 22,585.83 करोड़ रुपये की कुल धोखाधड़ी के मामले में अब तक 19,111.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। केंद्र की तरफ से यह जानकारी सॉलिसिटर जनरल तुषर मेहता ने प्रस्तुत की। इसके साथ ही केंद्र ने बताया कि पिछले 17 वर्षों में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 4,850 मामलों की जांच की गई है।
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98,368 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान
सुप्रीम कोर्ट में बताया गया कि पीएमएलए के तहत जिन 4,850 मामलों की जांच की गई है। इसमें अपराध की 98,368 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान कर कानूनी प्रावधान के तहत इसे जब्त किया गया। सरकार ने न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि इन अपराधों की जांच पीएमएलए के तहत की गई, जिसमें 2,883 तलाशी अभियान भी शामिल हैं। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की व्याख्या से संबंधित दायर की गई कई याचिकाओं पर दलीलें सुन रही थीं। मेहता के द्वारा कहा गया कि पीएमएलए के लागू होने के बाद से कथित अपराधों के लिए 313 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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पीएमएलए के तहत 2,883 तलाशी ली गईं
सरकार ने न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि इन अपराधों की जांच पीएमएलए के तहत की गई, जिसमें 2,883 तलाशी लेना भी शामिल है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की व्याख्या से संबंधित कई याचिकाओं पर दलीलें सुन रहा है। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि आतंकवाद और नक्सल वित्तपोषण के 57 मामलों की जांच में अपराध की 1,249 करोड़ रुपए की राशि की पहचान की गई है और अपराध की 982 करोड़ रुपये की राशि यानी 256 संपत्तियों को जब्त किया गया और 37 अभियोजन शिकायतें दर्ज करना और पीएमएलए के तहत दो आतंकवादियों को दोषी ठहराया गया।
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