{"_id":"6294a781986cbe032938625e","slug":"govt-on-cryptocurrency-economic-affairs-secy-ajay-seth-said-consultation-paper-fairly-ready-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cryptocurrency: सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर जल्द ले सकती है बड़ा फैसला, परामर्श पत्र को लेकर आया बड़ा अपडेट","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Cryptocurrency: सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर जल्द ले सकती है बड़ा फैसला, परामर्श पत्र को लेकर आया बड़ा अपडेट
Mon, 30 May 2022 04:48 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 May 2022 04:48 PM IST
सार
आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने एक कार्यक्रम के दौरान सोमवार को कहा कि परामर्श पत्र तैयार करने के लिए हमने गहन विचार-विमर्श किया है और न केवल घरेलू हितधारकों बल्कि आईएमएफ, विश्व बैंक जैसे संगठनों से भी परामर्श लिया है। हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही परामर्श पत्र को अंतिम रूप देकर पेश कर देंगे।
विज्ञापन
आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
देश में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, भले ही सरकार ने इससे होने वाली आय पर 30 फीसदी का भारी भरकम टैक्स और एक फीसदी टीडीएस लगाया है। अब भारत में क्रिप्टो को लेकर सरकार की ओर से बड़ा अपडेट आया है। दरअसल, आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव, अजय सेठ ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कहा कि इस संबंध में परामर्श पत्र लगभग तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसे बनाने में हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श किया गया है।
विज्ञापन
अजय सेठ ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बताचीत करते हुए यह बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक वैश्विक सहमति बननी बेहद जरूरी है। लेकिन सरकार भारतीय निवेशकों की सुरक्षा के मद्देनजर क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने से पहले अन्य देशों द्वारा उसे लेकर उठाए गए कदमों पर गौर करेगा। उन्होंने कहा कि हमने गहन विचार-विमर्श किया है और न केवल घरेलू हितधारकों बल्कि आईएमएफ, विश्व बैंक जैसे संगठनों से भी परामर्श लिया है। हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही परामर्श पत्र को अंतिम रूप देकर पेश कर देंगे।
विज्ञापन
आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार की क्या मंशा है और वह क्या सोचती है, यह काफी समय पहले सिडनी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बता चुके हैं। इसके बाद उन्होंने एक से अधिक मंचों पर अपनी बात रखी थी। इसके अलावा वित्त मंत्री से लेकर आरबीआई तक ने इस बारे में अपनी राय पेश की है। यहां बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन से होने वाले मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स और ट्रांजैक्शन पर एक फीसदी टीडीएस लगा दिया था, जो कि एक अप्रैल से लागू किया जा चुका है, लेकिन अभी देश में क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं दी है।
विज्ञापन
30 फीसदी टैक्स और एक फीसदी टीडीएस के अलावा देश में अब क्रिप्टोकरेंसी को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। जीएसटी काउंसिल भी क्रिप्टो पर पूर्व में लगाए गए 30 फीसदी टैक्स के अलावा अतिरिक्त 28 फीसदी का टैक्स लगाना चाहती है। दरअसल, काउंसिल क्रिप्टो में निवेश को जुआ, कसीनो और लॉटरी की तरह देख रही है। बहरहाल, आर्थिक मामलों के सचिव की मानें तो जल्द से जल्द सरकार की ओर से तैयार किया गया परामर्श पत्र पेश कर दिया जाएगा। ऐसे में उम्मीद है सरकार जल्द ही देश में क्रिप्टो को लेकर बड़ा फैसला कर सकती है।