Business News: उड़द, तुअर दाल की भंडारण सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ी, कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप में 45% घटा निवेश
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विस्तार
केंद्र सरकार ने बाजार में तुअर और उड़द दाल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए इसकी भंडारण सीमा को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। यही नहीं, अब थोक और बड़े विक्रेताओं के लिए डिपो स्तर पर स्टॉक लिमिट 200 से घटाकर 50 मीट्रिक टन कर दी गई है। वहीं, खुदरा विक्रेताओं और खुदरा आउटलेट के लिए यह सीमा पांच मीट्रिक टन होगी। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत मौजूदा स्टॉक लिमिट की समयसीमा को दो माह बढ़ा दिया है, जो पहले 30 अक्तूबर तक लागू थी। इसके अलावा मिल मालिकों के लिए स्टॉक सीमा उनके पिछले तीन महीने के उत्पादन या वार्षिक क्षमता का 25 फीसदी से कम रखी गई है। यह फैसला बाजार में दाल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने व जमाखोरी को रोकने के लिए किया गया है।
कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप में 45% घटा निवेश
भारतीय कृषि प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप के निवेश में 2021-22 से 2022-23 के बीच यानी एक साल में 45 फीसदी की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह वैश्विक ब्याज दरों में वृद्धि और बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों का अधिक सावधान रहना माना जा रहा है। इस अवधि में वैश्विक कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप में निवेश 10 फीसदी घटा है।
परामर्श कंपनी एफएसजी के मुताबिक, भारतीय कृषि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सौदों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद निवेश में गिरावट देखने को मिली। क्षेत्र में 2021-22 में 121 सौदे हुए थे, जिनकी संख्या 2022-23 में बढ़कर 140 पहुंच गई। हालांकि, फंडिंग 2021-22 के 127.9 करोड़ डॉलर से घटकर 2022-23 में 70.6 करोड़ डॉलर रह गई। रिपोर्ट के मुताबिक, वेंचर कैपिटल फंडिंग के लिहाज से 2021-22 भारतीय कृषि प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए सफल वर्ष रहा। इसके बाद 2022-23 में वैश्विक फंडिंग में कमी से क्षेत्र के निवेश में गिरावट आई।
2024-25 में फंडिंग बढ़ने की उम्मीद
रिपोर्ट के मुताबिक, 2023-24 में भी निवेश में गिरावट का अनुमान है। लेकिन, 2024-25 में इसके बढ़ने की संभावना है। उम्मीद है कि स्टार्टअप अगले वित्त वर्ष से निपटने के लिए लाभ बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे।
त्योहारी सीजन में 78% ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदी पर भरोसा
त्योहारी सीजन में ग्राहक ऑनलाइन खरीदी करने के लिए उत्साहित हैं। 81% ग्राहकों का मजबूत इरादा है। 78% ने कहा कि उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा है। नील्सन मीडिया के सर्वे के मुताबिक, 68% के लिए अमेजन पसंदीदा प्लेटफॉर्म है। दो में से एक ग्राहक पिछले साल की तुलना में इस त्योहारी अवधि में ज्यादा ऑनलाइन खर्च करेंगे। यह सर्वे महानगरों और छोटे शहरों के 8,159 ग्राहकों के बीच किया गया। अमेजन इंडिया के कंज्यूमर बिजनेस के कंट्री मैनेजर मनीष तिवारी ने कहा, त्योहार का सीजन ग्राहकों और विक्रेताओं के लिए पसंदीदा समय होता है।
आरबीआई ने एसबीआई, इंडियन बैंक और पीएसबी पर लगाया जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों के उल्लंघन के मामले में एसबीआई, इंडियन बैंक व पंजाब एंड सिंध बैंक (पीएसबी) पर चार करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना लगाया है। साथ ही फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेस पर 8.80 लाख रुपये जुर्माना लगा है। आरबीआई ने बताया, कर्ज और जमा पर दिशानिर्देशों को पूरा नहीं करने के मामले में एसबीआई पर 1.3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है। कर्ज और जमा नियमों के साथ केवाईसी उल्लंघन मामले में इंडियन बैंक पर 1.62 करोड़ का जुर्माना लगा है। पंजाब एंड सिंध बैंक पर जमाकताओं के शिक्षा और जागरुक करने के फंड के नियमों के उल्लंघन पर एक करोड़ जुर्माना लगा है।
कपोल बैंक का लाइसेंस रद्द
मुंबई के कपोल सहकारी बैंक के लाइसेंस को पूंजी पर्याप्तता अनुपात की कमी के कारण रद्द कर दिया गया है। हर जमाकर्ता को बीमा गारंटी के तहत 5 लाख रुपये तक की रकम मिलेगी। बैंक के 96.09% जमाकर्ता पात्र हैं।
भारतीय मानक ब्यूरो ने जैव ईंधन को लेकर विकसित किए नौ मानक
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सोमवार को कहा, उसने जैव ईंधन पर 9 मानक विकसित किए हैं। इसके साथ वह पैराफिनिक (हरित) डीजल के लिए मानक विकसित करने की प्रक्रिया में है। बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा, ये मानक वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (जीबीए) के उद्देश्य को पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीबीए की घोषणा हाल ही में जी-20 शिखर सम्मेलन में की थी। बीआईएस के मुताबिक, अमेरिका, ब्राजील व भारत जैव ईंधन के प्रमुख उत्पादक और उपभोक्ता हैं। तीनों देशों का वैश्विक एथनॉल उत्पादन में 85% योगदान है।
चीन से इस्पात आयात पांच साल के शीर्ष पर
नई दिल्ली। भारत का चीन से तैयार इस्पात आयात चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीने (अप्रैल-अगस्त) में बढ़कर करीब पांच साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में भारत ने 25 लाख टन तैयार इस्पात का आयात किया, जो 2020 के बाद सर्वाधिक है और एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 22.4 फीसदी ज्यादा है। अप्रैल-अगस्त में चीन भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा इस्पात निर्यातक रहा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इस्पात उद्योग ने चीन से आयात पर रोक लगाने के लिए सरकार के हस्तक्षेप की मांग की है।
यूएई को 75,000 टन गैर-बासमती चावल निर्यात करेगा भारत
केंद्र सरकार ने नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 75,000 टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात को मंजूरी दे दी। हालांकि चावल के निर्यात पर प्रतिबंध है, भारत अपनी खाद्य सुरक्षा मांगों को पूरा करने के लिए मित्रवत और पड़ोसी देशों के अनुरोध पर उन्हें चावल भेज रहा है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि एनसीईएल के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 75,000 मीट्रिक टन गैर-बासमती सफेद चावल (एचएस कोड 1006 30 90 के तहत) के निर्यात की अनुमति है।
इससे पहले, सरकार ने सेनेगल (5 लाख टन), गाम्बिया (5 लाख टन), इंडोनेशिया (2 लाख टन), माली (1 लाख टन) और भूटान (48,804 टन) को टूटे हुए चावल के निर्यात की अनुमति दी थी। सरकार ने एनसीईएल के माध्यम से भूटान (79,000 टन), मॉरीशस (14,000 टन) और सिंगापुर (50,000 टन) को गैर-बासमती चावल के निर्यात की भी अनुमति दी है। पिछले साल नौ सितंबर को सरकार ने बढ़ती खुदरा कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए टूटे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। 20 जुलाई को, इसने घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और आगामी त्योहारी सीजन के दौरान खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया।
भारत में 25 साल बाद बनी लकवा व दिल के दौरे की दवा
देश में लकवा या दिल के दौरे के इलाज के लिए करीब 25 साल बाद किसी कंपनी ने दवा का निर्माण किया है। फार्माज ने टाइवाल्जी नामक इस दवा को बनाया है और सनफार्मा पूरे भारत में इसका वितरण करेगी। फार्माज के चेयरमैन अनिल गुलाटी ने बताया कि दवा को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास भेजा गया है। यह भारत में 1,300 रुपये प्रति डोज उपलब्ध होगी जो वर्तमान दवाओं के मुकाबले ज्यादा सस्ती और कारगर है। यह दवा सीधे ब्रेन में जाती है और वहां पर मृत कोशिकाओं की जगह पर नई कोशिकाएं बनाती है। भारत में लकवे और दिल के दौरे के करीब 13 लाख मरीज होते हैं। इस दवा के मात्र तीन डोज से ही मरीज घर पर जा सकता है।
आईएलएंडएफएस के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लि. और उसकी स्पेन स्थित अनुषंगी कंपनी एल्सेमेक्स एसए के खिलाफ कथित तौर पर धोखाधड़ी व धन की हेराफेरी कर 239 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं का दुरुपयोग करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने एल्सेमेक्स, आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क और पूर्व निदेशकों रवि पार्थसारथी, मुकुंद सप्रे, रमेश चंदर बावा, रामचंद करुणाकरण, अरुण कुमार साहा और हरि शंकरन के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।