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Budget 2025: 'वित्त वर्ष 2026 में धीमी रहेगी सरकारी पूंजीगत व्यय की वृद्धि', गोल्डमैन सैक्स की भविष्यवाणी

Mon, 13 Jan 2025 06:39 PM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 13 Jan 2025 06:39 PM IST
सार

Capex Growth: गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी बजट में सार्वजनिक खर्च में 13 फीसदी की वृद्धि की घोषणा कर सकती हैं। जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 17 फीसदी थी।

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Govt capex growth to slow down, fiscal consolidation to continue in FY26: Goldman Sachs
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय बजट की घोषणा से पहले 'गोल्डमैन सैक्स' ने कहा कि नए वित्त वर्ष में सरकारी पूंजीगत व्यय वृद्धि में मंदी की आशंका है। गोल्मैन सैक्स एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी है। 

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गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी बजट में सार्वजनिक खर्च में 13 फीसदी की वृद्धि की घोषणा कर सकती हैं। जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 17 फीसदी थी। इसके अलावा, इससे पहले तीन वर्षों में भी यह वृद्धि अच्छी रही थी।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार वित्तीय अनुशासन के रोडमैप पर कायम रहेगी और राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 फीसदी तक घटाने का लक्ष्य रखेगी। ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि भाजपा के संसद में घटते बहुमत को देखते हुए खर्च का एक हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों और कल्याणकारी योजनाओं में फिर से आवंटित किया जा सकता है। 
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इसने आगे कहा, सितंबर में भारत की वास्तविक जीडीपी विकास दर 5.4 फीसदी के स्तर पर रही है। इसका कारण यह था कि सरकारी खर्च में धीमी गति से वृद्धि धीमी गति से हो रही थी और भारतीय रिजर्व बैंक ने कर्ज पर प्रतिबंध लगाए थे। 

गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान जताया कि सरकारी खर्च अब 13 फीसदी दर से बढ़ सकता है, जो पहले 30  फीसदी की दर से बढ़ रहा था। इसके अलावा, सरकार अब कल्याणकारी खर्च (जैसे गरीबों के लिए योजनाएं, सब्सिडी आदि) और भुगतान ट्रांसफर (जैसे किसानों, गरीबों या अन्य जरूरतमंदों को सीधे पैसे भेजना) पर अधिक फोकस कर सकती है। 


ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा कि सरकारी खर्च में तेजी का दौर अब पीछे छूट चुका है और आने वाले वर्षों खर्च की वृद्धि जीडीपी विकास दर से कम या उसके बराबर रहने की संभावना है।

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