{"_id":"64b950fca056867aa60a23e3","slug":"govt-bans-exports-of-non-basmati-white-rice-to-boost-domestic-supply-help-control-price-updates-2023-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Export Ban: गैर-बासमती चावल निर्यात पर सरकार ने लगाई पाबंदी, कीमतों में तेजी पर रोक लगाने के लिए फैसला","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Export Ban: गैर-बासमती चावल निर्यात पर सरकार ने लगाई पाबंदी, कीमतों में तेजी पर रोक लगाने के लिए फैसला
Thu, 20 Jul 2023 08:57 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 20 Jul 2023 08:57 PM IST
विज्ञापन
भारत में बासमती चावल का इतिहास
- फोटो : जयसिंह रावत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आने वाले त्योहारी सीजन में चावल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर रोक लगा दी। कुछ शर्तों के साथ निर्यात की अनुमति होगी। सरकार का यह फैसला खुदरा कीमतों को काबू में रखने के मद्देनजर भी अहम माना जा रहा है। अगर अधिसूचना से पहले जहाजों में चावल की लोडिंग शुरू हो गई है तो उसके निर्यात की मंजूरी होगी। साथ ही उन मामलों में भी निर्यात हो सकेगा, जहां सरकार ने दूसरे देशों को इसकी इजाजत दे रखी है।
विज्ञापन
सरकार ने कुछ देशों की खाद्य सुरक्षा की जरूरतों को देखते हुए उपरोक्त मंजूरी दी है। पिछले दस दिन में देशभर में चावल की कीमत में 20 फीसदी तेजी आई है। पिछले साल सितंबर में सरकार ने टूटे हुए चावल के निर्यात पर रोक लगा दी थी। साथ ही, कई तरह के चावल के निर्यात पर 20 फीसदी ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
14 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ की बुवाई दो फीसदी कम हुई है। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में कम बारिश की वजह से फसल की कम बुवाई हुई है। सरकार के फैसले से 80 फीसदी चावल का निर्यात प्रभावित हो सकता है। इससे देश में तो चावल की कीमत में गिरावट आएगी लेकिन दुनियाभर में चावल की कीमतें बढ़ सकती है। भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा निर्यातक है।
विज्ञापन
निर्यात की इसकी हिस्सेदारी लगभग 25 फीसदी
खाद्य मंत्रालय ने बयान के मुताबिक, गैर-बासमती उसना चावल और बासमती चावल की निर्यात नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। बता दें कि कुल निर्यात में दोनों किस्मों के चावन का हिस्सा काफी ज्यादा है। देश से निर्यात होने वाले कुल चावल में गैर-बासमती सफेद चावल की हिस्सेदारी लगभग 25 फीसदी है।
इन देशों को होता है निर्यात
जानकारी के मुताबिक, भारत से गैर-बासमती सफेद चावल का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में 42 लाख डॉलर के करीब था। इससे पिछले साल में निर्यात 26.2 लाख डॉलर बताया गया था। भारत प्रमुख रूप से थाईलैंड, इटली, स्पेन, श्रीलंका और संयुक्त राज्य अमेरिका को गैर-बासमती चावल निर्यात करता है।
डीजीएफटी की ओर से जारी अधिसूचना में क्या?
मामले को लेकर विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक, गैर-बासमती सफेद चावल की निर्यात नीति को मुक्त से प्रतिबंधित कर दिया गया है। बयान में कहा गया कि चावल की घरेलू कीमतें बढ़ रही हैं। खुदरा कीमतें एक साल में 11.5 फीसदी और पिछले महीने में तीन प्रतिशत तक बढ़ी हैं।
उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम होंगी
गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध से देश में उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम होंगी। गैर-बासमती चावल (उसना चावल) और बासमती चावल की निर्यात नीति में कोई बदलाव नहीं करने को लेकर कहा गया कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाभकारी कीमतों का लाभ मिलता रहेगा। हालांकि, इस चावल की खेप को कुछ शर्तों के तहत निर्यात करने की अनुमति दी जाएगी।
15.54 लाख टन सफेद चावल का हुआ निर्यात
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल करीब 15.54 लाख टन सफेद चावल का निर्यात हुआ था। एक साल पहले समान अवधि में 11.55 लाख टन की तुलना में इसमें 35% की तेजी आई है। घरेलू बाजार में चावल की खुदरा कीमतें एक साल में 11.5% व एक माह में 3% तक बढ़ गई हैं। 2022-23 में इस चावल के निर्यात का मूल्य 42 लाख डॉलर था। उसके पहले के साल में 26.2 लाख डॉलर था।