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MSP: 'सरकार चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने पर कर रही विचार', उद्योग की चिंता पर बोले खाद्य सचिव
Thu, 18 Dec 2025 07:41 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 18 Dec 2025 07:41 PM IST
सार
Sugar MSP: गन्ने का बकाया बढ़ने से चिंतित सरकार MSP बढ़ाने और इथेनॉल आवंटन में बदलाव पर विचार कर रही है। जानें खाद्य सचिव ने भुगतान संकट को लेकर क्या बड़े आश्वासन दिए हैं।
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चीनी खाने के नुकसान
- फोटो : Freepik.com
विस्तार
जनवरी महीने के दौरान गन्ने के बकाया भुगतान में इजाफे की आशंका को देखते हुए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने और अन्य उपायों पर विचार कर रही है। उद्योग की ओर से चिंता जाहिर किए जाने के बाद खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने गुरुवार को यह बात कही।
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इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईएसएमए) ने कहा है कि गन्ने का बकाया बढ़ता जा रहा है और 30 नवंबर तक महाराष्ट्र में यह 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। आईएसएमए के अनुसार बचे हुए स्टॉक, उत्पादन की ऊंची लागत, इथेनॉल का कम आवंटन, घरेलू कीमतों में गिरावट और वैश्विक स्तर पर अधिक आपूर्ति के कारण मिलें नकदी संकट से जूझ रही हैं।
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आईएसएमए की वार्षिक आम बैठक के दौरान चोपड़ा बोले, "उन्होंने (आईएसएमए) हमें बताया है कि गन्ने के बकाया भुगतान से जुड़ी समस्या जनवरी के मध्य से शुरू होगी। हम इस समयसीमा से अवगत हैं और इस पर काम कर रहे हैं। अगले एक महीने में हम कुछ ऐसे फैसले लेंगे जिनसे उद्योग को मदद मिलेगी और किसानों को समय पर भुगतान भी सुनिश्चित होगा।" सरकार किसानों को राहत देने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। इन उपायों में एमएसपी में संशोधन, 15 लाख टन के मौजूदा स्तर से अधिक निर्यात की अनुमति देना और इथेनॉल के लिए अधिक आवंटन शामिल है।
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फरवरी 2019 से चीनी का एमएसपी 31 रुपये प्रति किलोग्राम से नहीं बदला है। आईएसएमए ने इसे संशोधित करके 41.66 रुपये प्रति किलोग्राम करने की मांग की है। यह स्वीकार करते हुए कि अतिरिक्त चीनी इस वर्ष एक "चुनौती" है, चोपड़ा ने कहा, "हम सक्रिय रूप से उन सभी पर विचार कर रहे हैं और उम्मीद है कि सभी हितधारकों के हित में, हम ऐसे समाधान लेकर आएंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि चीनी उद्योग के सभी हितधारकों को उनका उचित हक मिले।"
देश में गन्ने की अधिक पैदावार के चलते 2025-26 के सीजन (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी का उत्पादन 34.3 मिलियन टन रहने का अनुमान है। गन्ने या चीनी से बने गुड़ से इथेनॉल का आवंटन केवल 28 प्रतिशत रहा है, इसलिए लगभग 3.4 मिलियन टन चीनी को इथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "हमने सोचा था कि यह अधिक होगा, लेकिन अब हमारे सामने ऐसी स्थिति है जहां यह केवल 34 लाख टन है।" सरकार ने उद्योग की मदद के लिए पहले ही 15 लाख टन निर्यात की अनुमति दे दी है। चोपड़ा ने कहा कि निर्यात समता फिलहाल एक मुद्दा है, लेकिन अगले महीने ब्राजील में चीनी उत्पादन का सीजन खत्म होने के बाद इसमें सुधार होने की उम्मीद है, जिससे मिलें लाभप्रद रूप से स्टॉक बेच सकेंगी।
उन्होंने कहा, "हम इस बात से भली-भांति अवगत हैं कि अतिरिक्त स्टॉक जमा नहीं होना चाहिए। हम यह भी जानते हैं कि अगला गन्ना सीजन और भी बेहतर होगा। इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि स्टॉक जमा होने से यथासंभव रोका जाए और गन्ना किसानों को उनका हक समय पर मिले।"