अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाना चाहती है सरकार: निर्मला सीतारमण
सरकार किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ग्रामीण और कृषि वित्त पोषण पर आयोजित 6वें वैश्विक सम्मेलन में कहा कि 10 हजार उत्पादक संघों के जरिये किसानों को खेत के मेड़ पर सोलर पैनल और पवन चक्की लगाने में मदद दी जाएगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ देश में अक्षय ऊर्जा का भंडार भी बढ़ेगा।
वित्त मंत्री ने कहा, किसान चाहें तो खेत में अन्न उठाएं और घर की छतों पर सोलर पैनल व पवन चक्की लगाकर बिजली भी बनाएं। यह बिजली सीधे ग्रिड से जुड़ेगी, जिसे बिजली वितरण कंपनियां खरीदकर घरों या औद्योगिक इकाइयों तक पहुचायी जाएगी।
इसके लिए करीब 10 हजार किसान उत्पाद संघ बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को अन्न की उपज का सही दाम दिलाने के लिए सरकार ने ई नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ईनाम) पोर्टल शुरू किया है, जहां रियल टाइम में जिंसों के भाव बताए और खरीदे जाते हैं।
तिलहन पर जोर दें किसान
वित्त मंत्री ने कहा कि इस समय उपयोग के लिए काफी मात्रा में खाद्य तेलों का आयात किया जाता है। देश में हर साल लगभग डेढ़ करोड़ टन खाद्य तेलों का उत्पादन होता है, जबकि यहां खपत ढाई करोड़ टन की है। कम उत्पादन की वजह से हर साल 70 हजार करोड़ रुपये का खाद्य तेल विदेशों से मंगाना पड़ता है। किसान अगर तिलहनी फसलों पर जोर देंगे, तो देश इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन सकेगा।