विप्रो के पास थे पाकिस्तानी नागरिकों के 1100 करोड़ के शेयर, देश के लिए सरकार ने बेचे
सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो के करीब 1,150 करोड़ रुपये के शत्रु शेयरों की बिक्री भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) एवं दो अन्य सरकारी बीमा कंपनियों को बेच दिया है। यह शेयर पाकिस्तानी नागरिकों के थे जो 1960 के बाद से भारत सरकार के पास कब्जे में थे। इन्हें शत्रु संपत्ति कानून के तहत जब्त किया गया था।
पहली बार सरकार ने बेचे शेयर
बीएसई पर सौदे के बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कस्टडियन ऑफ एनेमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया ने कंपनी के 4.43 करोड़ से अधिक शेयरों को 258.90 रुपये प्रति शेयर की दर से बेचा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने किसी कंपनी के पास मौजूद ऐसे शेयरों को बेचा है। यह शेयर पाकिस्तानी नागरिकों के थे, जिन्हें सरकार ने शत्रु संपत्ति कानून 1968 के तहत चीन व पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद जब्त किया था।
इन कंपनियों को बेचे शेयर
ये शेयर एलआईसी के अलावा जनरल इंश्योरेंस और दी न्यू इंडिया एश्योरेंस को बेचे गये हैं। इनमें सर्वाधिक 3.86 करोड़ शेयर एलआईसी ने खरीदे।इससे प्राप्त राशि सरकार के विनिवेश के खाते में जाएगी।
फिलहाल हैं तीन हजार करोड़ के शेयर
कस्टेडियन के पास फिलहाल शत्रु संपत्ति के तौर पर करीब तीन हजार करोड़ के शेयर और एक लाख करोड़ की अचल संपत्ति है। विप्रो के पास जो शेयर थे, वो दो पाकिस्तानी नागरिको के थे। भारत की तरह पाकिस्तान के पास भी शत्रु संपत्ति है जो उसने बेच दी है।
फिलहाल कस्टेडियन के पास 996 कंपनियों के कुल 20,323 शेयरधारकों के 6.5 करोड़ शेयर हैं। इन 996 कंपनियों में 588 कंपनियां अभी कार्य कर रही हैं और 139 कंपनियां सूचीबद्ध हैं।