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सुप्रीम कोर्ट: एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस मामले में गूगल को राहत, सीसीआई के आदेश के खिलाफ याचिका सूचीबद्ध
Thu, 19 Sep 2024 04:57 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 19 Sep 2024 04:57 PM IST
सार
Supreme Court: शीर्ष अदालत गूगल और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की ओर से दायर की गई दलीलों पर विचार कर रही है। याचिका में एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस मामले में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी की कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती दी गई है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
गूगल ने गुरुवार सुप्रीम कोर्ट में बताया कि एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस मामले में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी की कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों से संबंधित मामले में दलीलें सुनने में पांच-छह दिन लग सकते हैं।
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पिछले साल 29 मार्च को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने इस मामले में गूगल की कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों पर मिश्रित फैसला सुनाया था। फैसले में 1,338 करोड़ रुपये का जुर्माना बरकरार रखा गया था, लेकिन प्ले स्टोर पर तीसरे पक्ष के एप स्टोर की मेजबानी की अनुमति जैसी शर्तों को हटा दिया गया था।
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शीर्ष अदालत गूगल और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की ओर से दायर की गई दलीलों पर विचार कर रही है। याचिका में एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस मामले में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी की कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती दी गई है।
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मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने पहले ही इन याचिकाओं को गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। दिन की कार्यवाही की शुरूआत में, प्रौद्योगिकी दिग्गज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने याचिका का उल्लेख किया और कहा कि मामले की सुनवाई में पांच-छह दिन लग सकते हैं।
सीजेआई ने कहा, "यह (याचिका) बोर्ड (कार्यसूची) में अपनी स्थिति बनाए रखेगी। देखते हैं चीजें आगे बढ़ती हैं...इस मामले को शुरू होने दीजिए। हम देखेंगे।" इससे पहले जुलाई में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि वह इस मामले में गूगल और सीसीआई की दलीलों पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में सुनवाई करेगा।
पीठ ने मामले के आसान निर्णय के लिए दोनों पक्षों के वकीलों की मदद से आम डिजिटल याचिका तैयार करने के लिए वकील समीर बंसल को नोडल वकील नियुक्त किया था। एनसीएलएटी ने अपने फैसले में एंड्रॉयड में अपनी प्रमुख स्थिति का फायदा उठाने के लिए सीसीआई द्वारा प्रौद्योगिकी दिग्गज पर लगाए गए जुर्माने को बरकरार रखा था।
एनसीएलएटी ने एंटी-ट्रस्ट विनियामक के आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि गूगल उपयोगकर्ताओं द्वारा अपने प्री-इंस्टॉल किए गए ऐप्स को हटाने पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। गूगल और सीसीआई दोनों एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आये। पिछले वर्ष 7 जुलाई को शीर्ष अदालत ने पहली बार इन अपीलों पर सुनवाई की थी।
इससे पहले, एनसीएलएटी ने अपने 189 पृष्ठ के आदेश में सीसीआई के छह निर्देशों को बरकरार रखा था, जिसमें से एक में गूगल से कहा गया था कि वह प्रारंभिक डिवाइस सेटअप के दौरान उपयोगकर्ताओं को अपना डिफॉल्ट सर्च इंजन चुनने की अनुमति दे, और दूसरे में यह स्पष्ट किया गया था कि ओईएम को कई ऐप्स को प्री-इंस्टॉल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने गूगल को निर्देश का क्रियान्वयन करने तथा 30 दिनों के भीतर राशि जमा करने को कहा था। इसने कहा था कि "आयोग के आदेश को चार निर्देशों को छोड़कर बरकरार रखा जाता है" और कहा कि गूगल "इस प्रकार उपरोक्त चार निर्देशों को रद्द करने के अलावा किसी अन्य राहत का हकदार नहीं है"।
इसमें कहा गया था, "अपीलकर्ता (गूगल) को जुर्माने की राशि (4 जनवरी, 2023 के आदेश के तहत जमा की गई जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि को समायोजित करने के बाद) आज से 30 दिनों की अवधि के भीतर जमा करने की अनुमति दी जाती है।"
20 अक्टूबर, 2022 को सीसीआई ने एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के संबंध में प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं के लिए गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। नियामक ने इंटरनेट दिग्गज को विभिन्न अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं को रोकने और उनसे दूर रहने का भी आदेश दिया था।