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गूगल का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, 12 महीने तक सैलरी देगी कंपनी; इन देशों पर पड़ेगा असर?

Thu, 05 Nov 2026 08:01 AM IST
राहुल कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 05 Nov 2026 08:01 AM IST
सार

माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल ने भी कर्मचारियों की संख्या और खर्च को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में चुनिंदा कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के साथ स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है।

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गूगल का बड़ा फैसला - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब गूगल ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या और खर्च को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाया है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने इस साल कई देशों में अपने कुछ कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है। इसके तहत नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कंपनी की ओर से आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा।

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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने जून में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में कुछ कर्मचारियों के लिए यह योजना शुरू की थी। कंपनी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 2025 में उसकी कुछ टीमों ने मुआवजे के साथ स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना शुरू की थी। इस साल जून में इसे कुछ और देशों तक बढ़ाया गया।
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कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य भविष्य के महत्वपूर्ण कामों के लिए संसाधनों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना है। हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि कितने कर्मचारियों ने इस ऑफर को स्वीकार किया है। एक 50 कर्मचारियों वाली टीम में कम से कम चार लोगों ने इस ऑफर को स्वीकार किया।
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एआई पर भारी निवेश के बीच खर्च घटाने की तैयारी
गूगल का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में तेजी से निवेश कर रही हैं। इस तकनीक को विकसित करने और इससे जुड़ा बुनियादी ढांचा तैयार करने में कंपनियों को भारी खर्च करना पड़ रहा है। बढ़ते खर्च का असर निवेशकों की चिंताओं और अल्फाबेट के शेयरों पर भी पड़ा है। हालांकि, हाल की तिमाहियों में अल्फाबेट के कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ी है, लेकिन कंपनी अब अपने संसाधनों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित करना चाहती है।

स्विट्जरलैंड में 12 महीने तक की सैलरी का ऑफर
स्विट्जरलैंड में गूगल के करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं। यहां कंपनी ने कई विभागों के कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है। इसके तहत कर्मचारियों को कंपनी में काम किए गए प्रत्येक साल के बदले एक महीने की सैलरी देने का प्रस्ताव था। हालांकि, मुआवजे की अधिकतम सीमा 12 महीने की सैलरी तय की गई थी। यानी कंपनी में 12 साल या उससे अधिक समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को भी अधिकतम 12 महीने की सैलरी ही मिलनी थी।

माइक्रोसॉफ्ट ने भी 60 हजार कर्मचारियों को दिया था विकल्प
गूगल से पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भी कर्मचारियों की संख्या और खर्च को नियंत्रित करने के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की थी। पिछले सप्ताह कंपनी ने अपने करीब 60 हजार कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के साथ नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया था।


गूगल ने भी पिछले साल से अमेरिका और ब्रिटेन में अपने कुछ विभागों के कर्मचारियों के लिए इस तरह की योजनाएं शुरू की थीं। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, यह विकल्प उन कर्मचारियों के लिए है, जो अब कंपनी की कार्यशैली, काम की गति या भविष्य की दिशा के साथ खुद को सहज महसूस नहीं करते।
 

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