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धनतेरस: हॉलमार्किंग बताएगा सोने-चांदी की शुद्धता का राज, ठगी से कैसे बचें उपभोक्ता? खरीदारी से पहले जानें

Fri, 06 Nov 2026 05:49 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 06 Nov 2026 05:49 PM IST
सार

  • आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग क्यों महत्वपूर्ण है?
  • जानें सोने-चांदी के हॉलमार्क की पहचान, प्रक्रिया और बीआईएस केयर एप का उपयोग।

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Be Cautious While Buying Jewelry: Know the Purity of Gold and Silver with Hallmarking
सोने-चांदी की कीमतें। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित करना अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा संचालित हॉलमार्किंग एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता संरक्षण उपाय है। यह कीमती धातुओं की शुद्धता को प्रमाणित करता है। उपभोक्ताओं को हमेशा हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदने चाहिए ताकि वे ठगी से बच सकें।

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सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग 23 जून, 2021 से अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत सात कैरेट तक के सोने के आभूषण कवर होते हैं। यह नियम उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी देता है। चांदी की हॉलमार्किंग अभी स्वैच्छिक है। हालांकि, एक सितंबर, 2025 से हॉलमार्क वाली चांदी पर छह अंकों का एचयूआईडी कोड अनिवार्य होगा। इसमें 800 से 999 तक की आठ शुद्धता ग्रेड शामिल हैं, जो चांदी की विभिन्न शुद्धता स्तरों को दर्शाते हैं।

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हॉलमार्क वाले आभूषणों को कैसे पहचानें?

सोने के आभूषणों पर बीआईएस का लोगो, शुद्धता मार्क (जैसे 22के916) और छह अंकों का अद्वितीय एचयूआईडी कोड होता है। यह कोड आभूषण की विशिष्ट पहचान बताता है। चांदी के आभूषणों पर बीआईएस का लोगो 'चांदी' शब्द के साथ होता है। इसमें शुद्धता मार्क (जैसे 925) और छह अंकों का एचयूआईडी कोड भी अंकित होता है। इन चिह्नों की जांच करके आप अपने खरीदे गए आभूषण की शुद्धता सुनिश्चित कर सकते हैं। यह पहचान प्रक्रिया उपभोक्ताओं के लिए बेहद सरल है।

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हॉलमार्किंग की तकनीकी और अंकीय प्रक्रिया क्या है?

ज्वैलर्स को बीआईएस पोर्टल पर मुफ्त पंजीकरण करना होता है। इसके बाद वे अपने आभूषण मान्यता प्राप्त असेइंग एंड हॉलमार्किंग केंद्र भेजते हैं। इन केंद्रों पर एक्सआरएफ मशीनों और अंकीय तराजू से आभूषणों की गहन जांच होती है। जांच के बाद बीआईएस सर्वर एक अद्वितीय छह अंकों का एचयूआईडी कोड उत्पन्न करता है। इस कोड को लेजर तकनीक से आभूषण पर सावधानीपूर्वक अंकित किया जाता है। यह पूरी अंकीय प्रक्रिया पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है।

बीआईएस केयर एप कैसे मदद करता है?

उपभोक्ता बीआईएस केयर एप का उपयोग करके आभूषणों की शुद्धता आसानी से जांच सकते हैं। यह एप 12 भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे व्यापक पहुंच मिलती है। इसमें आभूषण का एचयूआईडी नंबर डालकर उसकी शुद्धता, उत्पाद प्रकार और ज्वैलर का नाम पता चलता है। साथ ही, असेइंग एंड हॉलमार्किंग केंद्र का पता भी लगाया जा सकता है। आठ जून 2026 के अंकीय उन्नयन के बाद, एप के जरिये आभूषण की तस्वीर, हॉलमार्क और दर्ज वजन का मिलान भौतिक आभूषण से आसानी से हो पाएगा। यह सुविधा उपभोक्ताओं को और अधिक सशक्त बनाएगी।

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