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Gold: रिकॉर्ड उच्च स्तर छू सकती हैं सोने की कीमतें, फेड प्रमुख के भाषण और आरबीआई की नीति पर निवेशकों की नजर
Sun, 30 Nov 2025 07:16 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 30 Nov 2025 07:16 PM IST
सार
Gold: सोने की कीमतों में अगले सप्ताह मजबूत देखने को मिल सकती है और यह रिकॉर्ड स्तर को छू सकती है, क्योंकि निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व अध्यक्ष जेरोम पॉवेल का भाषण और आरबीआई की नीतियों का इंतजार कर रहे हैं। घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी और स्थानीय मांग भी कीमतों को सहारा दे रही हैं।
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- फोटो : istock
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विस्तार
सोने की कीमतों में अगले सप्ताह मजबूती देखने को मिल सकती है और यह रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू सकती है। दरअसल, निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के भाषण और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नीतियों का इंतजार कर रहे हैं।
प्रणव मेर ने कहा कि सोने की कीमतें अब एक स्थिर स्थिति से बाहर निकल रही हैं, क्योंकि निवेशक विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग और सेवा संबंधी आंकड़े, अमेरिका में रोजगार की स्थिति और लोगों की खरीदारी की भावनाओं पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष पॉवेल का सोमवार का भाषण, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता की प्रगति और शुक्रवार को आरबीआई की नीति बैठक भी शामिल हैं, जिन्हें व्यापारी बारीकी से देख रहे हैं।
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एमसीएक्स पर फरवरी 2026 का सोना 10 ग्राम के हिसाब से शुक्रवार को 1,29,504 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले 3,654 रुपये या 2.9 फीसदी अधिक था। एंजल वन के अनुसंधान विभाग के उपाध्यक्ष प्रथमेश माल्या ने कहा कि घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी और स्थानीय मांग सोने की कीमतों को सहारा दे रही हैं। त्योहारों, शांदियों और आभूषण की निरंतर खरीद ने कीमतों को बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के केंद्रीय बैंक लगातार सोना जमा कर रहे हैं और इससे लंबे समय में सोने की कीमतों के बढ़ने की संभावना बनी रहेगी। पिछले कुछ वर्षों से यह काम जारी है और यह प्रवृत्ति 2026 में भी जारी रहेगी।
ये भी पढ़ें: 'भारत की अर्थव्यवस्था रफ्तार पर, 8.2% जीडीपी दर ने आलोचनाओं को किया खारिज', बोले पीयूष गोयल
क्वांटेस रिसर्च के संस्थापक कार्तिक जोनागाडला ने कहा कि निवेशकों के लिए सोना अमेरिका की वास्तविक ब्याज दर के रुख पर अपनी राय जताने का एक सुरक्षित तरीका है। उन्होंने बताया कि जब तक दिसंबर में ब्याज दर कम होने की संभावना बनी रहती है, सोने के लिए रुझान सकारात्मक रहेगा, लेकिन अगर कोई अप्रत्याशित आर्थिक आंकड़ा आए तो हाल में हुई बढ़त जल्दी घट सकती है।
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प्रणव मेर ने कहा कि सोने की कीमतें अब एक स्थिर स्थिति से बाहर निकल रही हैं, क्योंकि निवेशक विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग और सेवा संबंधी आंकड़े, अमेरिका में रोजगार की स्थिति और लोगों की खरीदारी की भावनाओं पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष पॉवेल का सोमवार का भाषण, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता की प्रगति और शुक्रवार को आरबीआई की नीति बैठक भी शामिल हैं, जिन्हें व्यापारी बारीकी से देख रहे हैं।
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एमसीएक्स पर फरवरी 2026 का सोना 10 ग्राम के हिसाब से शुक्रवार को 1,29,504 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले हफ्ते के मुकाबले 3,654 रुपये या 2.9 फीसदी अधिक था। एंजल वन के अनुसंधान विभाग के उपाध्यक्ष प्रथमेश माल्या ने कहा कि घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी और स्थानीय मांग सोने की कीमतों को सहारा दे रही हैं। त्योहारों, शांदियों और आभूषण की निरंतर खरीद ने कीमतों को बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के केंद्रीय बैंक लगातार सोना जमा कर रहे हैं और इससे लंबे समय में सोने की कीमतों के बढ़ने की संभावना बनी रहेगी। पिछले कुछ वर्षों से यह काम जारी है और यह प्रवृत्ति 2026 में भी जारी रहेगी।
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क्वांटेस रिसर्च के संस्थापक कार्तिक जोनागाडला ने कहा कि निवेशकों के लिए सोना अमेरिका की वास्तविक ब्याज दर के रुख पर अपनी राय जताने का एक सुरक्षित तरीका है। उन्होंने बताया कि जब तक दिसंबर में ब्याज दर कम होने की संभावना बनी रहती है, सोने के लिए रुझान सकारात्मक रहेगा, लेकिन अगर कोई अप्रत्याशित आर्थिक आंकड़ा आए तो हाल में हुई बढ़त जल्दी घट सकती है।
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