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Gold: दिवाली तक 65000 पहुंच सकता है सोना, निवेश का मौका, इन वजहों से भी पीली धातु की बढ़ेगी चमक
Mon, 04 Sep 2023 05:51 AM IST
Jeet Kumar
कालीचरण, नई दिल्ली।
कालीचरण, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 04 Sep 2023 05:51 AM IST
सार
सोना निवेश का ऐसा विकल्प है, जो बाजार की अनिश्चितताओं, उच्च महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने के दौर में हमेशा सुरक्षा देता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
सोना निवेश का ऐसा विकल्प है, जो बाजार की अनिश्चितताओं, उच्च महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने के दौर में हमेशा सुरक्षा देता है। वैश्विक स्तर पर बने हालात और देश में शुरू होने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए यह सोने में निवेश का अच्छा मौका है क्योंकि दिवाली तक घरेलू बाजार में सोना 65,000 के स्तर पर पहुंच सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके 2,150 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचने का अनुमान है।
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एक सितंबर, 2023 को घरेलू बाजार में पीली धातु 60,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुई थी। इस तरह, दिवाली तक इसमें करीब 3,500 रुपये तक की तेजी का अनुमान है। कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में बीच-बीच में भले ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलता हो, लेकिन, साल-दर-साल पीली धातु की कीमतों में इजाफा होता जा रहा है। यह निवेशकों के लिए बिना किसी जोखिम के स्थिर रिटर्न देने वाला विकल्प है। इस कारण बाजार का माहौल जैसा भी रहे, सोने में चमक बनी रहती है।
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ब्याज बढ़ने का डर नहीं
केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, चीन ने हाल ही ब्याज दरों में कटौती की है, जिसके बाद अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व पर भी ब्याज दर बढ़ाने की रफ्तार में कमी करने का दबाव बढ़ेगा। फेड रिजर्व नवंबर, 2023 में आखिरी बार प्रमुख नीतिगत दर में 0.25% की बढ़ोतरी कर सकता है, जो इस साल आखिरी होगा।
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-इस प्रकार, पिछले साल की ब्याज दर में बढ़ोतरी का डर नहीं है, जिससे सोने को समर्थन मिलेगा।
रुपया भी देगा सहारा : प्रमुख कारकों के अलावा रुपये में गिरावट से भी सोने को सहारा देगा। देश में अगले साल चुनाव होने हैं। पिछले 20 साल का आंकड़ा बताता है कि चुनाव से चार-छह महीने पहले रुपये में गिरावट जरूर आती है। घरेलू मुद्रा में गिरावट और शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव को देखें तो कुल मिलाकर सोने को लेकर परिदृश्य पूरी तरह सकारात्मक नजर आ रहा है। -अजय केडिया, निदेशक, केडिया एडवाइजरी
इन वजहों से भी पीली धातु की बढ़ेगी चमक
-भू-राजनीतिक तनाव की वजह से यूरोप समेत अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अनिश्चितता बनी हुई है।
-मॉर्गन स्टैनली ने पहले ही अमेरिका की रेटिंग घटा दी है। अब जेपी मॉर्गन ने चीन की रेटिंग डाउनग्रेड कर दी है।
-अमेरिका समेत अन्य देशों में महंगाई काबू से बाहर है। डॉलर में गिरावट जारी है।
-घरेलू स्तर पर आगामी त्योहारी व शादियों के सीजन को देखते हुए सोने की मांग बढ़ेगी।