CAG: ईएएसए की आवश्यकताओं का अनुमान लगाने में विफल रहा एचएएल, गोवा सरकार पर भी सवाल
CAG: सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), ईएएसए की कठोर आवश्यकताओं के समय पर अनुपालन के लिए परामर्श सेवाओं का लाभ उठाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की पहचान करने में भी विफल रही। इससे 108.24 करोड़ रुपये का खर्च बर्बाद हो गया।
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने यूरोपीय देशों में अपनी निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए 2009 में हेलीकॉप्टर 1 के यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) प्रमाणन के लिए आवेदन किया था। हालांकि ईएएसए की कठोर आवश्यकताओं का अनुमान लगाने में वह विफल रहा जिसके चलते अनुपालन में अधिक समय लगा और अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ा। कैग की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। आधिकारिक बयान के अनुसार, मार्च 2020 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की 2023 की रिपोर्ट संख्या 18 गुरुवार को संसद में पेश की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, "हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), ईएएसए की कठोर आवश्यकताओं के समय पर अनुपालन के लिए परामर्श सेवाओं का लाभ उठाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की पहचान करने में भी विफल रही। इससे 108.24 करोड़ रुपये का खर्च बर्बाद हो गया।’’ इसके अलावा एचएएल ने ‘‘परियोजना 1 से जुड़े जोखिमों की परिकल्पना नहीं की जिसके परिणामस्वरूप कई अनियोजित गतिविधियां शुरू हुईं।’’
गोवा सरकार ने कोरोनाकाल में जरूरत से अधिक दलहन खरीदा
नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गोवा सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को बांटने के लिए अरहर दाल या अरहर की खरीद पर 1.91 करोड़ रुपये का 'निरर्थक' खर्च किया। रिपोर्ट के अनुसार खरीदी गई अरहर दाल 400 मीट्रिक टन (एमटी) थी, जो नागरिकों को इसके वितरण के लिए आवश्यक मात्रा से अधिक थी। 240 मीट्रिक टन से अधिक उपज अवितरित रही और खराब हो गई। यह मवेशियों और पोल्ट्री के खाने लायक भी नहीं रहा। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की 2021 की एक रिपोर्ट बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में पेश की गई। कैग के अनुसार, राज्य में जरूरत से ज्यादा तुअर दाल खरीदने के कारण राज्य नागरिक आपूर्ति विभाग को 1.91 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।