Business News: ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर का दावा, वैश्विक कोयला उद्योग में 2035 तक 10 लाख छंटनी की आशंका
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरियां जाने की प्रमुख वजह सस्ती पवन व ऊर्जा उत्पादन की ओर बाजार का बदलाव और कोयले के बाद अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के प्रबंधन के लिए योजना की कमी होगी।
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दुनियाभर के उद्योग में 2050 तक करीब 10 लाख और 2035 तक चार लाख से अधिक खनन से जुड़ी नौकरियां खत्म होने की आशंका है। इसका मतलब है कि हर दिन करीब 100 श्रमिकों की नौकरी जा सकती है। चीन व भारत के इससे सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है।
ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरियां जाने की प्रमुख वजह सस्ती पवन व ऊर्जा उत्पादन की ओर बाजार का बदलाव और कोयले के बाद अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के प्रबंधन के लिए योजना की कमी होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के शांक्सी प्रांत में 2050 तक वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक 2,41,900 नौकरियां जा सकती हैं। वहीं, कोल इंडिया में सदी के मध्य तक 73,800 नौकरियां खत्म हो सकती हैं।
पीएलआई के तहत दूरसंचार कंपनियों ने अब तक किया 2,419 करोड़ का निवेश: वैष्णव
दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत दूरसंचार कंपनियों ने कुल 4,115 करोड़ में से 2,419 करोड़ का निवेश कर लिया है। वैष्णव ने कहा, पीएलआई योजना के तहत अब तक इन कंपनियों ने 34,516 करोड़ रुपये की बिक्री है। 7,600 करोड़ रुपये का निर्यात किया है और 17,753 लोगों को रोजगार दिया है। सरकार ने पिछले साल अक्तूबर में 42 कंपनियों को पीएलआई योजना के तहत चुना था। इन कंपनियों ने 2025-26 तक छह साल की योजना अवधि के दौरान कुल 4,115 करोड़ रुपये का निवेश करने, 2.45 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिक्री पैदा करने और 44,000 से अधिक लोगों को रोजगार देने की प्रतिबद्धता जताई है।
मेक इन इंडिया व पीएम के दृष्टिकोण का नतीजा
4जी व 5जी कनेक्टिविटी मॉड्यूल और डाटा कार्ड बनाने के लिए वीवीडीएन के उत्पादन लाइन के ऑनलाइन उद्घाटन के दौरान वैष्णव ने कहा, निर्माण प्रक्रिया जटिल है। युवा लड़कियों को जटिल मशीनों को चलाने का प्रशिक्षण मिल रहा है। यह मेक इन इंडिया और पीएम मोदी के दृष्टिकोण की सफलता है।
भारत में निवेश करें सऊदी अरब के निवेशक
केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने सऊदी अरब के निवेशकों को भारत के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मंत्री ने सऊदी अरब में वहां के कारोबारी जगत के लोगों की सभा में यह बात कही।
निजी इक्विटी निवेश में 65 फीसदी गिरावट
देश में निजी इक्विटी निवेश जुलाई-सितंबर, 2023 में सालाना आधार पर 65.4 फीसदी गिरकर 1.81 अरब डॉलर रह गया। लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप की इकाई के आंकड़ों के मुताबिक, एक साल पहले यह निवेश 5.23 अरब डॉलर रहा था।