जीडीपी में दो से तीन साल में दिखेगा सुधार: एसएंडपी
वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) ने स्थिर आउटलुक के साथ भारत की सॉवरेन रेटिंग ‘बीबीबी माइनस’ बरकरार रखी है।
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एसएंडपी ने कहा कि भारत की जीडीपी में अगले दो से तीन साल में दीर्घकालिक ट्रेंड में धीरे-धीरे सुधार दिखने का अनुमान है। बीबीबी रेटिंग से संबंधित देश की वित्तीय प्रतिबद्धता को पूरी करने की पर्याप्त क्षमता का पता चलता है।
हालांकि रेटिंग एजेंसी ने संकेत किए कि राजकोषीय घाटे और सरकारी कर्ज में बढ़ोतरी से भारत की राजकोषीय स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। एसएंडपी ने कहा कि राजकोषीय घाटा सरकार के लक्ष्य से ज्यादा हो गया है, जिससे अगले कुछ साल में इसमें सीमित सुधार की ही संभावना है।
एसएंडपी ने एक बयान में कहा, ‘भारत की दीर्घकालिक रेटिंग बीबीबी माइनस और अल्पकालिक विदेशी व स्थानीय करंसी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग्स ए-3 रखी गई है। दीर्घकालिक रेटिंग के लिए आउटलुक स्थिर रखा गया है।’
2019-20 में भारत की आर्थिक विकास दर 5 फीसदी रहने का अनुमान है और सरकार को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में यह 6 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। भारत की रेटिंग से जीडीपी विकास दर औसत से ज्यादा, बेहतर साख और मौद्रिक स्थिति में सुधार जाहिर होता है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत के मजबूत लोकतांत्रिक संस्थान नीतिगत स्थायित्व को बढ़ावा देते हैं।
2018-19 में थी 6.8 फीसदी
2018-19 में विकास दर 6.8 फीसदी रही थी। इस हिसाब से देखा जाए तो फिर इसमें करीब 1.8 फीसदी की गिरावट है। विश्व की सभी रेटिंग एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी भारत के जीडीपी अनुमान को काफी घटा दिया है। मूडीज ने मार्च 2020 में समाप्त हो रहे वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुमान 5.8 फीसदी से घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया है। फिच ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर के 4.6 फीसदी रहने की संभावना जताई है। वहीं 2020-21 के लिए 5.6 फीसदी और 2021-22 के लिए 6.5 फीसदी का अनुमान जताया है।