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Gautam Adani: अदाणी बोले- पीछे छूट चुके अमेरिका में कानूनी मामले, अब विकास के अगले चरण को गति देने पर है फोकस
Sun, 31 May 2026 05:23 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, नई दिल्ली।
आईएएनएस, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 31 May 2026 05:23 PM IST
सार
Gautam Adani: उद्योगपति गौतम अदाणी ने कहा कि अमेरिका में समूह से जुड़े कानूनी मामले अब पीछे छूट चुके हैं और कंपनी पूरी तरह अपने विकास और विस्तार पर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि अदाणी समूह अब ऊर्जा, परिवहन और डिजिटल ढांचे जैसे क्षेत्रों में तेजी से निवेश बढ़ा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-
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गौतम अदाणी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
अरबपति उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा कि अमेरिका में अदाणी समूह से जुड़े कानूनी मामलों का अध्याय अब पीछे छूट चुका है। समूह अब अपनी अगली विकास यात्रा पर पूरी मजबूती के साथ फोकस कर रहा है। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह अब ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश को तेज करने पर काम कर रहा है।
'अदाणी एंटरप्राइजेज निवेशकों के भरोसे का प्रतीक'
गौतम अदाणी ने कहा कि समूह के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पूंजी जुटाना नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती बुनियादी ढांचा और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परियोजनाओं को तेजी से लागू करना है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विस्तार के साथ बिजली की खपत बढ़ाने वाले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी इंटरप्राइजेज के 24,930 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू को निवेशकों के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह उस समय हुआ जब समूह को कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियामकीय मुद्दों को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा, यह ऐसा वर्ष था, जब दुनिया और अधिक विभाजित और जटिल होती जा रही थी। ऊर्जा सुरक्षा फिर से राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में आ गई थी और तकनीक किसी भी देश की संप्रभुता से सीधे जुड़ गई थी। इसके बावजूद अदाणी समूह इस विश्वास पर अडिग रहा कि भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता।
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'चुनौतियों का सामना करना पड़ा, हम झुके नहीं'
उन्होंने आगे कहा कि जब दूसरे लोग बहस कर रहे थे, तब अदाणी समूह निर्माण और विकास के काम में जुटा रहा तथा ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, यूटिलिटीज और औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्रों में दुनिया के सबसे एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाता रहा। गौतम अदाणी ने कहा कि यह प्रगति आसान परिस्थितियों में नहीं हुई। बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक फैले समूह को असाधारण जांच-पड़ताल और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन हम झुके नहीं और न ही रुके।
'पीछे छूट चुके अमेरिकी में चल रहे कानूनी मामले'
उन्होंने आगे कहा, हमारी पहचान हमारे आसपास के शोर से नहीं, बल्कि हमारी प्रतिक्रिया की ताकत से होती है। हमारी पहचान चुनौतियों की तीव्रता से नहीं, बल्कि हमारे उद्देश्य की स्पष्टता से होती है। आलोचनाओं से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के उस विश्वास से होती है, जिस पर हम लगातार काम कर रहे हैं। गौतम अदाणी ने कहा, अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों से जुड़ी बातें अब पीछे छूट चुकी हैं। इससे हमें नए आत्मविश्वास और विश्वास के साथ अपनी अगली विकास यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला है।
ये भी पढ़ें: टॉप-10 कंपनियों में से सात का मार्केट कैप 1.54 लाख करोड़ रुपये घटा, रिलायंस को सबसे बड़ा झटका
उन्होंने समूह की रणनीति को दो प्रमुख विकास स्तंभों इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस पर आधारित बताया। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, डाटा केंद्र और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, एआई के सोचने से पहले ऊर्जा का प्रवाह होना जरूरी है।
वित्त वर्ष 2025-26 में अदाणी समूह की कंपनियों का संयुक्त राजस्व 2.92 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं समूह का कर पश्चात लाभ 13.9 प्रतिशत बढ़कर 46,377 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
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'अदाणी एंटरप्राइजेज निवेशकों के भरोसे का प्रतीक'
गौतम अदाणी ने कहा कि समूह के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पूंजी जुटाना नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती बुनियादी ढांचा और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परियोजनाओं को तेजी से लागू करना है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विस्तार के साथ बिजली की खपत बढ़ाने वाले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी इंटरप्राइजेज के 24,930 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू को निवेशकों के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह उस समय हुआ जब समूह को कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियामकीय मुद्दों को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा था।
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उन्होंने कहा, यह ऐसा वर्ष था, जब दुनिया और अधिक विभाजित और जटिल होती जा रही थी। ऊर्जा सुरक्षा फिर से राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में आ गई थी और तकनीक किसी भी देश की संप्रभुता से सीधे जुड़ गई थी। इसके बावजूद अदाणी समूह इस विश्वास पर अडिग रहा कि भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता।
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'चुनौतियों का सामना करना पड़ा, हम झुके नहीं'
उन्होंने आगे कहा कि जब दूसरे लोग बहस कर रहे थे, तब अदाणी समूह निर्माण और विकास के काम में जुटा रहा तथा ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, यूटिलिटीज और औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्रों में दुनिया के सबसे एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाता रहा। गौतम अदाणी ने कहा कि यह प्रगति आसान परिस्थितियों में नहीं हुई। बंदरगाह से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक फैले समूह को असाधारण जांच-पड़ताल और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन हम झुके नहीं और न ही रुके।
'पीछे छूट चुके अमेरिकी में चल रहे कानूनी मामले'
उन्होंने आगे कहा, हमारी पहचान हमारे आसपास के शोर से नहीं, बल्कि हमारी प्रतिक्रिया की ताकत से होती है। हमारी पहचान चुनौतियों की तीव्रता से नहीं, बल्कि हमारे उद्देश्य की स्पष्टता से होती है। आलोचनाओं से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के उस विश्वास से होती है, जिस पर हम लगातार काम कर रहे हैं। गौतम अदाणी ने कहा, अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों से जुड़ी बातें अब पीछे छूट चुकी हैं। इससे हमें नए आत्मविश्वास और विश्वास के साथ अपनी अगली विकास यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला है।
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उन्होंने समूह की रणनीति को दो प्रमुख विकास स्तंभों इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस पर आधारित बताया। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, डाटा केंद्र और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, एआई के सोचने से पहले ऊर्जा का प्रवाह होना जरूरी है।
वित्त वर्ष 2025-26 में अदाणी समूह की कंपनियों का संयुक्त राजस्व 2.92 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है। वहीं समूह का कर पश्चात लाभ 13.9 प्रतिशत बढ़कर 46,377 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।