Gautam Adani: गौतम अदाणी ने अदाणी पोर्टस के कार्यकारी अध्यक्ष का पद छोड़ा, कंपनी ने फाइलिंग में दी जानकारी
Gautam Adani: अदाणी पोर्ट्स ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि बोर्ड ने 5 अगस्त, 2025 से गौतम एस. अदानी को कार्यकारी अध्यक्ष से गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पुनः नामित करने को मंज़ूरी दे दी है। अब वे कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी नहीं रहेंगे। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विस्तार
गौतम अदाणी 5 अगस्त 2025 से अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। कंपनी ने मंगलवार को एलान किया। इस फैसले के बाद, गौतम अदाणी अब कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी नहीं रहेंगे।
अदाणी पोर्ट्स ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि बोर्ड ने 5 अगस्त, 2025 से गौतम एस. अदानी को कार्यकारी अध्यक्ष से गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पुनः नामित करने को मंज़ूरी दे दी है। अब वे कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी नहीं रहेंगे।
कंपनी ने मनीष केजरीवाल को तीन साल के शुरुआती कार्यकाल के लिए अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है। वह एक निजी इक्विटी फर्म के संस्थापक और प्रबंध भागीदार हैं।
कंपनी ने बताया- शुद्ध मुनाफा 6.54% बढ़कर 3310.60 करोड़ रुपये हुआ
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने मंगलवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 6.54 प्रतिशत बढ़कर 3,310.60 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में बताया वित्त वर्ष 2025 की अप्रैल-जून अवधि में उसे 3,107.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
समीक्षाधीन तिमाही में कुल आय बढ़कर 9,422.18 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 8,054.18 करोड़ रुपये थी। इस अवधि में व्यय भी बढ़कर 5,731.88 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 4,238.94 करोड़ रुपये था। एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक व सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, "इस तिमाही में 21 प्रतिशत राजस्व वृद्धि हमारे लॉजिस्टिक्स और समुद्री व्यवसायों में असाधारण गति से प्रेरित है, जो क्रमशः 2 गुना और 2.9 गुना बढ़े हैं।"
गुप्ता ने कहा, "ट्रकिंग और अंतरराष्ट्रीय माल नेटवर्क सेवाओं के विस्तार व एमईएएसए (मध्य पूर्व अफ्रीका दक्षिण एशिया) क्षेत्र में तेजी बढ़ा रहे हैं। हम अपनी विविधतापूर्ण समुद्री बेड़े के साथ अपनी मूल्य शृंखला को बंदरगाह से ग्राहकों के द्वार तक विस्तारित कर रहे हैं।"
एक बयान में, कंपनी ने कहा कि उसने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 121 एमएमटी (मिलियन मीट्रिक टन) कार्गो वॉल्यूम संभाला, जिसमें कंटेनरों से संचालित 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एपीएसईजेड ने कहा, "अखिल भारतीय कार्गो बाजार में हिस्सेदारी बढ़कर 27.8 प्रतिशत हो गई (वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 27.2 प्रतिशत)। कंटेनर बाजार में हिस्सेदारी 45.2 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में 45.9 प्रतिशत) रही।"
कंपनी के बयान के अनुसार, हाइफा बंदरगाह ने पूरे समय निर्बाध रूप से परिचालन किया और तिमाही के दौरान कंटेनर वॉल्यूम में 25 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि और अन्य कार्गो वॉल्यूम में 38 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जिससे कुल वॉल्यूम में 29 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई। इसमें कहा गया है, "इससे एपीएसईजेड द्वारा अधिग्रहण के बाद से हाइफा बंदरगाह के लिए उच्चतम तिमाही राजस्व और परिचालन ईबीआईटीडीए प्राप्त हुआ।"
कृष्णापटनम बंदरगाह ने जून 2025 सबसे अधिक कार्गो वॉल्यूम संभाला
कृष्णापटनम बंदरगाह ने जून 2025 में अपना अब तक का सर्वाधिक कार्गो वॉल्यूम (5.85 एमएमटी) संभाला। बयान के अनुसार, एपीएसईजेड का घरेलू बंदरगाह राजस्व सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 6,137 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह राजस्व सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 973 करोड़ रुपये हो गया।
एपीएसईजेड ने बताया कि कंपनी ने अपने बकाया यूएसडी बांड में से 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक की राशि वापस खरीदने के लिए निविदा प्रस्ताव पेश किया है। कंपनी ने कहा, "29 जुलाई 2025 तक 384 मिलियन अमेरिकी डॉलर की निविदाएं प्राप्त हुईं (निविदा प्रस्ताव 13 अगस्त 2025 को समाप्त हो जाएगा)।"
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में एपीएसईज़ेड का नकद शेष 16,921 करोड़ रुपये था, जबकि इसका सकल ऋण 53,089 करोड़ रुपये था। पीएसईजेड ने कोलंबो बंदरगाह में एक पूर्ण स्वचालित कंटेनर टर्मिनल और धामरा बंदरगाह में एक निर्यात टर्मिनल पर भी परिचालन शुरू किया।
कंपनी ने बताया कि उसके विझिंजम बंदरगाह ने अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया है और अपने संचालन के नौवें महीने में ही 100 प्रतिशत उपयोग हासिल कर लिया है। विझिंजम बंदरगाह ने अपने दूसरे चरण का निर्माण भी शुरू कर दिया है। कंपनी के समुद्री कारोबार में साल-दर-साल 2.9 गुना वृद्धि दर्ज की गई, जो 188 करोड़ रुपये से बढ़कर 541 करोड़ रुपये हो गई, तथा इसके बेड़े में 118 जहाज हैं।