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जी-7: सदस्य देशों ने दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की कार्रवाई का विरोध किया, मानवाधिकार उल्लंघन पर जताई चिंता

Wed, 20 Sep 2023 02:18 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 20 Sep 2023 02:18 PM IST
सार

G-7 Countries: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जी7 सदस्यों ने चीन से राजनयिक संबंधों और कोनसुलर संबंधों पर वियना संधि के तहत अपने दायित्वों के अनुसार कार्य करने और अपने समुदायों की सुरक्षा, उनके लोकतांत्रिक संस्थानों की अखंडता और उनकी आर्थिक समृद्धि को कमजोर करने के उद्देश्य से "हस्तक्षेप गतिविधियों" का संचालन नहीं करने का आह्वान किया। 
 

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G7 members oppose Beijing's actions in South China Sea, raise concerns on human rights violations
जी 7 देशों की ओर से जारी किया गया बयान - फोटो : ANI

विस्तार

पूर्वी और दक्षिणी चीन सागर के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए, समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में जी 7 के सदस्यों ने चीन के सैन्यीकरण और अन्य उत्तेजक गतिविधियों, बल या जबरदस्ती करते हुए यथास्थिति को बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध किया। ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व की पुष्टि करते हुए, जी 7 सदस्यों ने क्रॉस-स्ट्रेट मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया।

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जी7 सदस्यों ने चीन से राजनयिक संबंधों और कोनसुलर संबंधों पर वियना संधि के तहत अपने दायित्वों के अनुसार कार्य करने और अपने समुदायों की सुरक्षा, उनके लोकतांत्रिक संस्थानों की अखंडता और उनकी आर्थिक समृद्धि को कमजोर करने के उद्देश्य से "हस्तक्षेप गतिविधियों" का संचालन नहीं करने का आह्वान किया। 
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बयान में, "जी-7 के सदस्यों ने दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखना चीन की जिम्मेदारी है। वह पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति के बारे में गंभीर रूप से चिंतित रहे।" उन्होंने बलपूर्वक या जबरदस्ती से यथास्थिति को बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध किया।
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बयान में कहा गया है, "उन्होंने समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के सार्वभौमिक और एकीकृत चरित्र पर फिर से जोर दिया और पुष्टि की कि यूएनसीएलओएस कानूनी ढांचा निर्धारित करता है जो महासागरों और समुद्रों में सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। उन्होंने दोहराया कि दक्षिण चीन सागर में चीन के विशाल समुद्री दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है और क्षेत्र में चीन के सैन्यीकरण और अन्य उत्तेजक गतिविधियों का विरोध किया। जी-7 के सदस्यों ने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व की भी पुष्टि की। सदस्यों ने पूरे ताइवान में शांति का आह्वान किया, जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में सुरक्षा और समृद्धि के लिए अपरिहार्य है।"


बयान में कहा गया है, ''जी-7 के सदस्यों ने चीन से जलवायु, जैव विविधता संकट, कमजोर देशों की ऋण स्थिरता और वित्तपोषण जरूरतों, वैश्विक स्वास्थ्य और व्यापक आर्थिक स्थिरता जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मंचों सहित उनके साथ जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक लचीलापन के लिए जोखिम कम करने और जहां आवश्यक और उपयुक्त हो, वहां विविधता लाने की आवश्यकता होती है। चीन के साथ स्थायी आर्थिक संबंधों को सक्षम करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से, वे अपने श्रमिकों और कंपनियों के लिए समान अवसर के लिए जोर देना जारी रखेंगे।

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