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सख्त्ती: एफएसएसएआई ने शिशुओं के खाद्य उत्पादों में चीनी पर प्रतिबंध लगाने का दिया प्रस्ताव, जानिए सबकुछ

Sat, 17 Oct 2026 04:15 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 17 Oct 2026 04:15 PM IST
सार

एफएसएसएआई ने छह माह तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में फ्रुक्टोज और सुक्रोज मिलाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और बचपन के मोटापे को रोकने के लिए उठाया गया है।

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FSSAI Proposes Ban on Fructose, Sucrose in Baby Food for Infants up to Six Months
एफएसएसएआई - फोटो : amarujala.com

विस्तार

खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने छह माह तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में फ्रुक्टोज और सुक्रोज मिलाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया है। यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इसका उद्देश्य अतिरिक्त चीनी के शुरुआती जोखिम को कम करना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इसका लक्ष्य शिशुओं के लिए पोषण संबंधी सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।

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भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 में मसौदा संशोधन प्रकाशित किया है। इसमें छह माह तक की आयु के शिशुओं के लिए लक्षित खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।

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मसौदा खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) संशोधन विनियम, 2026 मौजूदा नियामक ढांचे को मजबूत करेगा  यह सुनिश्चित करेगा कि शिशु पोषण उत्पाद आयु-उपयुक्त पोषण संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किए जाएं। मसौदा अधिसूचना सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित की गई है। हितधारक 60 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि जीवन के शुरुआती चरणों में अतिरिक्त चीनी के जोखिम को कम करने पर जोर दिया गया है।

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वर्तमान नियम क्या कहते हैं?

वर्तमान में, मौजूदा नियम जन्म से 24 माह तक की आयु के बच्चों के लिए विभिन्न श्रेणियों के शिशु पोषण उत्पादों के लिए व्यापक पोषण संरचना, गुणवत्ता और सुरक्षा मानक निर्धारित करते हैं। मौजूदा प्रावधानों के तहत, लैक्टोज और ग्लूकोज पॉलिमर कार्बोहाइड्रेट के पसंदीदा स्रोत हैं। सुक्रोज और/या फ्रुक्टोज को केवल तभी जोड़ा जा सकता था जब कार्बोहाइड्रेट स्रोत के रूप में इसकी आवश्यकता हो, और वह भी निर्धारित सीमाओं के अधीन। अब, मसौदा संशोधन छह माह तक की आयु के शिशुओं के लिए लक्षित उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज के मिलावट पर विशिष्ट प्रतिबंध का प्रस्ताव करता है। प्रस्तावित प्रावधान कहता है कि "छह माह तक की आयु के शिशुओं के लिए लक्षित उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज नहीं मिलाया जाएगा।"

प्रतिबंध क्यों आवश्यक है?

मंत्रालय ने कहा कि जीवन के पहले छह महीने स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है। इस दौरान उचित पोषण विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। प्रस्तावित प्रतिबंध यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शिशु पोषण उत्पाद इस आयु वर्ग की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को अनावश्यक सुक्रोज और फ्रुक्टोज की मिलावट के बिना पूरा करें। यह प्रस्ताव अतिरिक्त चीनी के शुरुआती जोखिम से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के व्यापक जन स्वास्थ्य प्रयासों का भी समर्थन करता है। इसमें बचपन का मोटापा और संबंधित स्वास्थ्य चुनौतियां शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह पहल जीवन के पहले छह महीनों के दौरान विशेष स्तनपान को बढ़ावा देने वाली स्थापित जन स्वास्थ्य सिफारिशों का पूरक है।

इसका क्या प्रभाव होगा?

प्रस्तावित संशोधन उचित शिशु आहार पद्धतियों का समर्थन करना चाहता है। यह निर्माताओं को ऐसे फॉर्मूलेशन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करता है जो छोटे शिशुओं की विशिष्ट पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। एफएसएसएआई विज्ञान-आधारित खाद्य मानकों, जिम्मेदार उत्पाद फॉर्मूलेशन और निवारक पोषण पर ध्यान केंद्रित करता है। नियामक संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त सभी अभ्यावेदनों पर विचार करेगा।

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