फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Delhi Protests Cause 3000 Crore Loss to Traders, Supply Chain Disrupted: CTI

सीटीआई: दिल्ली में अक्तूबर के प्रदर्शनों से व्यापारियों को ₹3000 करोड़ का नुकसान, जानिए क्या दावा किया गया

Sat, 17 Oct 2026 02:27 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 17 Oct 2026 02:27 PM IST
सार

दिल्ली में लगातार विरोध-प्रदर्शनों से व्यापारियों को अक्तूबर में 3000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। सीटीआई ने सरकार से राहत पैकेज और प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है।

विज्ञापन
Delhi Protests Cause 3000 Crore Loss to Traders, Supply Chain Disrupted: CTI
दिल्ली में प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। उद्योग संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने इस पर गहरी चिंता जताई है। सीटीआई ने शनिवार को बताया कि अक्तूबर में हुए प्रदर्शनों के कारण दिल्ली के व्यापार को अब तक लगभग 3000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इन प्रदर्शनों से रास्ते बंद होने के कारण आपूर्ति शृंखला भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

विज्ञापन


सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने नुकसान का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर को हुए पहले प्रदर्शन में 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद 13 से 16 अक्तूबर के बीच सेंट्रल दिल्ली में नाकाबंदी की गई। मेट्रो भी बंद रही और सेंट्रल पार्क भी बंद कर दिया गया था। इन गतिविधियों से अतिरिक्त 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस प्रकार कुल नुकसान 3000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

विज्ञापन

किस क्षेत्र को कितना नुकसान हुआ?

इन विरोध-प्रदर्शनों से नवरात्र और दिवाली के पीक सीजन में खरीदारी ठप हो गई। इससे खुदरा क्षेत्र को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जो करीब 1800 करोड़ रुपये का रहा। दिल्ली के 700 से ज्यादा बाजार प्रभावित हुए हैं। इनमें सदर बाजार, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, करोल बाग और कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं। वहीं, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद और राजस्थान से दिल्ली आने वाले 3-4 लाख थोक खरीदार नहीं आ पाए। इससे थोक व्यापार को करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ट्रकों की आवाजाही रुकने से आपूर्ति शृंखला भी टूट गई है। त्योहारों के लिए तैयार सामान गोदामों में ही पड़ा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अन्य कौन से क्षेत्र प्रभावित हुए?

सीटीआई ने बताया कि विरोध-प्रदर्शनों से हॉस्पिटैलिटी और सर्विस क्षेत्र को 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ट्रांसपोर्ट, ऑटो-टैक्सी और टूरिज्म क्षेत्र को 180 करोड़ रुपये की हानि हुई। इसके अलावा, अनौपचारिक क्षेत्र को भी बड़ा झटका लगा है। दिहाड़ी मजदूर, कारीगर और लोडिंग का काम करने वालों को 120 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। गोयल ने आशंका जताई कि अगर हर हफ्ते ऐसे ही प्रदर्शन होते रहे तो दिवाली तक यह नुकसान 10,000 करोड़ रुपये को पार कर सकता है।

सरकार से सीटीआई की क्या मांगें हैं?

सीटीआई ने सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। संगठन ने दिवाली तक सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और लुटियंस जोन में किसी भी धरने-प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की है। भविष्य के लिए बाहरी दिल्ली जैसे बुराड़ी, रोहिणी और द्वारका में विरोध-प्रदर्शन जोन बनाने का सुझाव दिया गया है। सीटीआई ने अक्तूबर में हुए 3000 करोड़ रुपये के नुकसान के लिए व्यापारियों को राहत पैकेज देने की मांग की है। इसमें बिजली-पानी के बिल और जीएसटी में छूट शामिल है। साथ ही, पुलिस प्रशासन से दुकानदारों पर जबरन दुकान बंद करने का दबाव न बनाने और बाजार खुले रखने की सुरक्षा देने का आग्रह किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed