Free Trade Agreement : ऑस्ट्रेलिया में भारत ऐसा पहला देश बना जिसके छह हजार से ज्यादा उत्पादों पर शुल्क नहीं
ऑस्ट्रेलियाई व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने बताया कि एफटीए दोनों देशों की घरेलू आवश्यकताओं के पूरा होने के 30 दिन के भीतर या पारस्परिक रूप से सहमत समय पर लागू कर दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया समझौते को इसी वर्ष लागू करने के लिए तैयार है।
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जुड़ेगा। समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यातकों को सभी तरह के उत्पाद बिना किसी कोटा प्रतिबंध के बचेने की इजाजत देगा। भारत पहला देश है, जिसके लिए ऑस्ट्रेलिया ने यह सुविधा दी है। यही नहीं, मॉरिशस और संयुक्त अरब अमीरात के बाद ऑस्ट्रेलिया तीसरा देश, जिसके साथ भारत ने दोहरे कराधान परिहार समझौते (डीटीएए) के तहत मुक्त व्यापार समझौता किया है। ब्रिटेन व कनाडा के साथ बातचीत अंतिम दौर में है। ब्रिटेन से वार्ता अगले महीने से होगी। यूरोपीय संघ से भी इस पर लंबे समय से बातचीत जारी है।
न्याय संगत फैसला
अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार अपनी कार्यकारी परिषद से मंजूरी लेगी। भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल इसे मंजूरी देगा। समझौता भारत के लिए न्याय संगत है। -पीयूष गोयल, वाणिज्य मंत्री
समझौता लागू होने के बाद मिलेंगे कई फायदे...
- ऑस्ट्रेलिया में तकनीकी सहायता देने वाली भारतीय कंपनियों को वहां से होने वाली आय पर कर नहीं देना पड़ेगा। इससे ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहीं भारत की 100 बड़ी आईटी कंपनियों के हर वर्ष 20 करोड़ डॉलर बचेंगे।
- विदेश व्यापार के अतिरिक्त महानिदेशक तपन मजूमदार ने बताया, इस बात की पूरी उम्मीद है कि यह समझौता अगले वर्ष जनवरी से लागू हो जाएगा।
- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया, इसके तहत भारत के शेफ व योगा प्रशिक्षकों को भी कामकाजी वीजा मिलेगा। भारत से ऑस्ट्रेलिया पढ़ने जाने वाले हर छात्र को वहां उनकी शिक्षा के मुताबिक रोजगार मिलेगा।
- समझौते से वाइन बनाने के लिए अंगूर पैदा करने वाले 6,000 किसानों को लाभ होगा। इससे और भी किसान अंगूर पैदा करने के क्षेत्र में उतर सकेंगे।
- फियो महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, निर्यातकों को 98% वस्तुओं पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।
- कोयला, एलुमिना, मैग्नीज, कॉपर व ऊन जैसे कच्चे माल भी बिना कर के आयात कर पाएंगे, जिससे उद्योगों को गति मिलेगी।
बड़ा फैसला : भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर ऑस्ट्रेलियाई संसद की मुहर
भारतीय निर्यातकों को अब ऑस्ट्रेलिया में 6,000 से अधिक उत्पादों के निर्यात पर शुल्क नहीं देना होगा। ऑस्ट्रेलियाई संसद ने मंगलवार को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मंजूरी दे दी। अब दोनों देश आपसी सहमति से फैसला करेंगे कि समझौता किस तारीख से लागू होगा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने ट्वीट कर फैसले की जानकारी दी।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों ने लंबे विचार-विमर्श के बाद अप्रैल में आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (एआई-ईसीटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया ने 96.4 फीसदी निर्यात को सीमा शुल्क से मुक्त रखने की पेशकश की है। इसमें कई उत्पाद ऐसे हैं, जिन पर ऑस्ट्रेलिया में अभी चार से पांच फीसदी सीमा शुल्क लगता है। एजेंसी
पीएम मोदी से मुलाकात का असर
ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज ने बताया, जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में दोनों देशों में आर्थिक रिश्तों को गहरा व व्यापक बनाने पर सहमति बनी थी। अल्बनीज अगले वर्ष मार्च में कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत दौरे पर भी आएंगे।
पीएम मोदी ने कहा, शुक्रिया
ऑस्ट्रेलियाई पीएम के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ईसीटीए के लागू होने का हमारे व्यापारिक समुदायों की तरफ से बहुत स्वागत किया जाएगा। यह भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
50 अरब डॉलर तक होगा व्यापार
- 2021-22 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8.3 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि 16.75 अरब डॉलर का आयात किया था।
- पहले 27.5 अरब डॉलर था व्यापार : पीयूष गोयल ने बताया, समझौते की बदौलत पांच वर्ष में भारत-ऑस्ट्रेलिया का व्यापार मौजूदा 27.5 अरब डॉलर से 50 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।
30 दिन के भीतर होगा लागू
ऑस्ट्रेलियाई व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने बताया कि एफटीए दोनों देशों की घरेलू आवश्यकताओं के पूरा होने के 30 दिन के भीतर या पारस्परिक रूप से सहमत समय पर लागू कर दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया समझौते को इसी वर्ष लागू करने के लिए तैयार है।
फर्नीचर, आभूषण, मशीनरी, कपड़े और चमड़े पर राहत
एफटीए लागू होने के बाद कपड़ा, चमड़ा, फर्नीचर, आभूषण और मशीनरी जैसे उत्पादों को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बिना किसी सीमा शुल्क के बेचा जा सकेगा।
बिना शुल्क उत्पाद बेचने वाला पहला देश भारत
भारत पहला देश है, जिसके लिए ऑस्ट्रेलिया ने यह सुविधा दी है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया तीसरा देश है जिसके साथ भारत दोहरे कराधान परिहार समझौते के तहत कारोबार करेगा। >> कारोबार
भारत और यूरोपीय संघ में जल्द होगा व्यापार समझौता
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने व्यापार एवं निवेश समझौतों को लेकर जारी वार्ता में हुई प्रगति पर मंगलवार को संतोष व्यक्त करते हुए समय पर वार्ता पूरी होने की उम्मीद जताई। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार भारत-यूरोपीय संघ विदेश नीति एवं सुरक्षा विचार विमर्श के नौंवे दौर की वार्ता 22 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हुई।
इस बैठक की सह अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा और यूरोपीय विदेश कार्य सेवा के राजनीतिक मामलों के उप महासचिव इनरिक मोरा ने की। बयान के अनुसार बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ के संबंधों में हुई प्रगति एवं राजनीतिक गति मिलने की बात स्वीकार की।
इसकी शुरूआत जुलाई 2020 में 15वीं भारत-यूरोपीय संघ शिखर बैठक के दौरान हुई थी और मई 2021 में भारत एवं यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठकों के बाद इसे और मजबूती मिली। दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद सहित द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण आयामों की समीक्षा की। भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की थी।