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शेयर बाजार: कमाई के लिहाज से चार क्षेत्र अब भी बेहतर, निवेशकों को मिलता रहेगा औसत रिटर्न
Mon, 24 Jul 2023 06:01 AM IST
Jeet Kumar
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
अजीत सिंह, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 24 Jul 2023 06:01 AM IST
सार
रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद शेयर बाजार में आगे मुनाफावसूली दिख सकती है। इसका सीधा असर बाजार के साथ निवेशकों पर पड़ेगा। हालांकि, चार ऐसे क्षेत्र हैं, जो बाजार की तेजी और गिरावट में भी ठीक-ठाक प्रदर्शन कर सकते हैं। इनका लेखा-जोखा बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट...
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
निवेशकों को मिलता रहेगा औसत रिटर्न
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भारतीय शेयर बाजार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। सेंसेक्स रिकॉर्ड 67 हजार के पार जाकर शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके जो प्रमुख कारण हैं, वह एक तो मुनाफावसूली और दूसरा आईटी सेक्टर के आगे खराब प्रदर्शन की उम्मीद रही है। वैसे बाजार की इस तेजी में भी ऐसे चार सेक्टर हैं, जो बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। इन चार सेक्टर्स में एफएमसीजी, फार्मा, टेक्सटाइल्स और बैंकिंग क्षेत्र हैं, जो रक्षात्मक माने जाते हैं और एक औसत रिटर्न भी देते रहते हैं।
कपड़ा उद्योग...रोजगार देने में दूसरे स्थान पर
कपड़ा उद्योग दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर है। यह भारत की जीडीपी में 2%और मूल्य के संदर्भ में उत्पादन में 7 फीसदी योगदान देता है। भारतीय कपड़ा उद्योग की मांग घरेलू और निर्यात दोनों से प्रेरित है। भारतीय कपड़ा उद्योग अपने खोजपरक उत्पाद की पेशकश के साथ दुनिया भर में लगभग 5% बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रहा है।
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-वित्त वर्ष 2022 की तुलना में वित्त वर्ष 2023 में यह 18% तक घट गया है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में मांग में मंदी देखी गई है। आयात लागत को कम करने को इस उद्योग के लिए पीएलआई योजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। भारत में कपड़ा बाजार 2029 तक 209 अरब डॉलर से अधिक का होने की उम्मीद है।
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फार्मा क्षेत्र...सदाबहार प्रदर्शन करने वाला
फार्मा उद्योग वॉल्यूम में विश्व स्तर पर तीसरा और मूल्य में 14वां सबसे बड़ा उद्योग है। यह वैश्विक स्तर पर जेनरिक दवाओं और किफायती टीकों के लिए जाना जाता है। देश की जीडीपी में लगभग 1.72% का योगदान देता है। भारत शीर्ष 10 दवा निर्यातक देशों में से एक है। दवाओं की कम लागत और उच्च गुणवत्ता के कारण भारत को विश्व की फार्मेसी के रूप में जाना जाता है। भारतीय फार्मा उद्योग का मूल्य 42 अरब डॉलर है। भारत में दवा खर्च पांच वर्षों में 9 से 12 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।
बैंकिंग क्षेत्र...घटा एनपीए, आने वाले हैं अच्छे दिन
बैंकिंग क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है। एसएंडपी ने वित्त वर्ष 2024 से 2026 तक भारत की जीडीपी सालाना 6% से 7% तक बढ़ने का अनुमान लगाया है। पिछले वित्त वर्ष में सरकारी और निजी बैंकों ने एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का शुद्ध लाभ कमाया। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्होंने जमकर कर्ज दिया। बढ़ती ब्याज दर के कारण कर्ज में वृद्धि हुई। इनके बुरे फंसे कर्जों (एनपीए) में भी सुधार हुआ।
बैंकों का एनपीए 11.5% से कम होकर एक दशक के निचले स्तर 3.5% पर आ गया है। और सुधार की उम्मीद है। मजबूत कॉरपोरेट बैलेंसशीट के साथ कर्ज की मांग में वृद्धि जारी रहेगी। अर्थव्यवस्था में महंगाई ज्यादा होने से ब्याज दरें स्थिर रहेंगी। ऐसे में इनके शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
एफएमसीजी...खपत और मांग जारी रहेगी
ऊंची इनपुट कीमतों की चिंताओं से वॉल्यूम प्रभावित हुआ। एफएमसीजी कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं। डिजिटलीकरण की ओर रुझान बढ़ रहा है। ई-कॉमर्स में एफएमसीजी ने वित्त वर्ष 2023 में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की। महामारी के बाद ई-कॉमर्स बिक्री अब 9 से 10 फीसदी है, जो 2016 में 1 फीसदी से कम थी। नील्सन के सर्वेक्षण के अनुसार, एफएमसीजी ने 2023 की पहली तिमाही में 10.2% की वृद्धि दर्ज की। ग्रामीण भारत में भी पुनरुद्धार के संकेत दिख रहे हैं। लगभग सभी हिस्सों में सामान्य मानसून से खुदरा महंगाई के स्तर में कमी के साथ आगे धीरे-धीरे सुधार होगा।
लंबी अवधि के लिए निवेश फायदेमंद
बाजार में लंबा नजरिया हो तो कभी भी निवेश कर सकते हैं। इस समय बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, फिर भी धीरे-धीरे निवेश करते रहना चाहिए। निवेशकों को कम से कम10 साल तक के लिए निवेश करना चाहिए। -अरविंदर सिंह नंदा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मास्टर कैपिटल सर्विसेस