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Fitch Ratings: फिच ने भारत के 2024-25 के जीडीपी पूर्वानुमान को संशोधित कर 6.4% किया, बताया ये कारण

Fri, 13 Dec 2024 04:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 13 Dec 2024 04:32 PM IST
सार

Fitch Ratings: चालू वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 5.4 प्रतिशत की दर बढ़ी। तिमाही वृद्धि आरबीआई के 7 प्रतिशत के पूर्वानुमान से काफी कम रही। अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी, यह आंकड़ा भी आरबीआई के पूर्वानुमान से भी कम है।

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Fitch revises down India's 2024-25 GDP forecast to 6.4% Fitch Rating News and Updates
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

विस्तार

फिच रेटिंग्स ने 2024-25 के लिए भारत के जीडीपी पूर्वानुमान को संशोधित कर 6.4 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले यह अनुमान 7.0 प्रतिशत था। रेटिंग एजेंसी की ओर से यह नीचे की ओर संशोधन रिजर्व बैंक की अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति में विकास पूर्वानुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत करने के तुरंत बाद किया गया। फिच ने अनुमान लगाया है कि भारत के जीडीपी में 2024-25 वित्तीय वर्ष में 6.4 प्रतिशत और 2025-26 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो 2023-24 में 8.2 प्रतिशत की गति से धीमी होगी।

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हालांकि, फिच ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि वैश्विक समकक्षों की तुलना में मजबूत बनी हुई है। फिच के अनुसार, "भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी के झटके से मजबूती से उबरी है। हालांकि संकेतक हाल के महीनों में अधिक मिश्रित तस्वीर की ओर इशारा करते हैं, लेकिन हमें नहीं लगता कि यह नरमी आर्थिक गतिविधि में लंबे समय तक मंदी का कारण बनेगी।"
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फिच को उम्मीद है कि अमेरिका और चीन के बीच संभावित व्यापार युद्ध और वैश्विक व्यापार मंदी के बीच घरेलू मांग आर्थिक विकास को गति देना जारी रखेगी। फिच को उम्मीद है कि सरकार की ओर से राजकोषीय समेकन के प्रयासों के बावजूद बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटलीकरण और व्यापार करने में आसानी जैसे प्रमुख विकास चालक क्षेत्रों में नीति निरंतरता रहेगी। सार्वजनिक बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था और सीधे तौर पर इस क्षेत्र से जुड़ी या इससे जुड़ी परिसंपत्तियों के लिए सहायक बना रहेगा। 
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फिच ने कहा कि हाल के वर्षों में बैंक और कॉरपोरेट बैलेंस शीट की बेहतर सेहत से सकारात्मक निवेश चक्र और तेज पूंजीगत खर्च का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 5.4 प्रतिशत की दर बढ़ी। तिमाही वृद्धि आरबीआई के 7 प्रतिशत के पूर्वानुमान से काफी कम रही। अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो आरबीआई के पूर्वानुमान से भी कम है।


इस साल की शुरुआत में संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में "रूढ़िवादी" रूप से 2024-25 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.5-7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। वास्तविक जीडीपी वृद्धि मुद्रास्फीति से समायोजित आर्थिक वृद्धि है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि हुई, और यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी रही। 2022-23 में अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत और 2021-22 में 8.7 प्रतिशत बढ़ी।

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