झटकाः फिच ने एक बार फिर घटाया भारत की जीडीपी का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच (FITCH) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के विकास दर अनुमान में कटौती कर उसे 6.6 फीसदी कर दिया है। ये कटौती मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चर सेक्टर्स में सुस्ती के चलते की गई है।
मार्च में भी घटाया था विकास दर का अनुमान
इससे पहले मार्च में भी फिच ने भारत की विकास दर का अनुमान घटाया था। मार्च में फिच रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष के लिये देश की आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान सात फीसदी से घटाकर 6.80 फीसदी कर दिया था। वहीं पिछले साल दिसंबर में फिच ने चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया था।
पांच साल के निचले स्तर अर्थव्यवस्था की रफ्तार
देश के विकास दर अनुमान में कटौती ऐसे वक्त में की गई है, जब पांच जुलाई को केंद्रीय बजट पेश होने वाला है। वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार पांच साल के निचले स्तर, 6.8 फीसदी पर पहुंच गई है। जनवरी-मार्च तिमाही में विकास दर घटकर 5.8 फीसदी पर पहुंच गई, जो इसका पांच वर्षों का निचला स्तर है।
इस संदर्भ में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि, '2019-20 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.6 फीसदी रहेगी। 2020-21 में यह बढ़कर 7.1 फीसदी पर पहुंच जाएगी। वहीं 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सात फीसदी रहने का अनुमान है।' आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सात फीसदी रहने का अनुमान जताया है।