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निकट अवधि में अनुमान से अधिक है भारत का राजकोषीय घाटा: रेटिंग एजेंसी फिच
Tue, 02 Feb 2021 04:21 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Tue, 02 Feb 2021 04:21 PM IST
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बजट 2021:
- फोटो : PTI
रेटिंग एजेंसी फिच ने आम बजट पर अपनी टिप्पणी में कहा कि निकट अवधि में भारत का राजकोषीय घाटा अनुमान से अधिक है और मध्यम अवधि में समेकन की गति उम्मीद से धीमी है। सोमवार को पेश किए गए आम बजट 2021-22 में कहा कि इस समय राजकोषीय घाटा जीडीपी के 9.5 फीसदी से अधिक है, जबकि उसका लक्ष्य इसे 3.5 फीसदी पर रखने का था।
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अगले वित्त वर्ष के लिए इतना है अनुमान
अगले वित्त वर्ष 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 6.8 फीसदी है। फिच रेटिंग्स की एशिया-प्रशांत सावरेन दल के निदेशक जेरेमी जुक ने कहा कि, 'भारत में केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी को पेश किए गए बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य अधिक है, मध्यम अवधि में समेकन उम्मीद से अधिक धीमा है।'
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जूक ने आगे कहा कि, 'हमने वृद्धि संभावनाओं और भारी सार्वजनिक ऋण की चुनौतियों तथा महामारी के प्रकोप के मद्देनजर जून 2020 में नकारात्मक दृष्टिकोण के साथ भारत की रेटिंग को बीबीबी- पर रखा था।' वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में बड़े पैमाने पर खर्च का ऐलान किया, जिसका एक बड़ा हिस्सा उधारी के जरिए पूरा किया जाएगा।
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सरकार ने पेश किया कुल 34,83,236 करोड़ का बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के लिए कुल 34,83,236 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया है। यह चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 34,50,305 करोड़ रुपये से थोड़ा ही अधिक है। इसमें पूंजी व्यय 5,54,236 करोड़ रुपये है, जो 2020-21 के संशोधित अनुमान 4,39,163 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। बजट दस्तावेज के अनुसार राजस्व खाते पर व्यय 29,29,000 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि 2020-21 के संशोधित अनुमान के अनुसार इस मद पर खर्च 30,111,42 करोड़ रुपये दर्शाया गया है।
राजस्व खाते से ब्याज भुगतान अगले वित्त वर्ष में 8,09,701 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के अनुसार 6,92,900 करोड़ रुपये है। राजस्व प्राप्ति को देखा जाए तो नए वित्त वर्ष में इसके 17,88,424 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में 15,55,153 करोड़ रुपये है। इसमें 2021-21 में केंद्र को शुद्ध रूप से कर राजस्व प्राप्ति 15,45,396 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं कर से इतर स्रोतों से प्राप्त राजस्व 2,43,028 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पूंजी प्राप्ति एक अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष में 16,94,812 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के अनुसार 18,95,152 करोड़ रुपये है।