फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Finance ministry introduce Insurance Amendment Bill in Parliament during monsoon session

Parliament: संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा बीमा संशोधन विधेयक, एफडीआई 100 प्रतिशत करने की तैयारी

Sun, 27 Apr 2025 03:51 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 27 Apr 2025 03:51 PM IST
सार

रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने बीमा अधिनियम, 1938 के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करना, और समग्र लाइसेंस का प्रावधान शामिल है।

विज्ञापन
Finance ministry introduce Insurance Amendment Bill in Parliament during monsoon session
लोकसभा - फोटो : संसद टीवी वीडियो ग्रैब

विस्तार

संसद के आगामी मानसून सत्र में बीमा संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है। विधेयक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग विधेयक को संसद में पेश करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। 
विज्ञापन


संसद के मानसून सत्र में आ सकता है प्रस्ताव
संसद का मानसून सत्र आमतौर पर जुलाई में शुरू होता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट भाषण में कहा कि वित्तीय क्षेत्र सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को मौजूदा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने कहा था कि, 'यह बढ़ी हुई सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी जो भारत में पूरा प्रीमियम निवेश करती हैं। साथ ही विदेशी निवेश से जुड़ी मौजूदा शर्तों और सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी और उन्हें सरल बनाया जाएगा।'
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Pahalgam Attack: अब पाकिस्तान पर होगी आफत की बारिश, व्यापार बंद करने के फैसले से और बिगड़ेंगे हालात
विज्ञापन
विज्ञापन


ये किए जा सकते हैं बदलाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने बीमा अधिनियम, 1938 के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करना, और समग्र लाइसेंस का प्रावधान शामिल है। प्रस्तावित संशोधन पॉलिसीधारकों के हितों को बढ़ावा देने, उनकी वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने और बीमा बाजार में अधिक खिलाड़ियों के प्रवेश को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है। जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। 

ये भी पढ़ें- India US BTA: व्यापार समझौते को लेकर भारत की तैयारी तेज, अमेरिका से कर सकता है तकनीकी क्षेत्र में ढील की मांग

उल्लेखनीय है कि बीमा अधिनियम, 1938, भारत में बीमा के लिए विधायी ढांचा प्रदान करने वाला प्रमुख अधिनियम है। यह बीमा व्यवसायों के कामकाज के लिए ढांचा प्रदान करता है और बीमाकर्ता, उसके पॉलिसीधारकों, शेयरधारकों और नियामक IRDAI के बीच संबंधों को नियंत्रित करता है। वर्तमान में, भारत में 25 जीवन बीमा कंपनियाँ और 34 गैर-जीवन या सामान्य बीमा फर्म हैं। बीमा क्षेत्र में FDI सीमा को पिछली बार 2021 में 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई थी। 2015 में, सरकार ने बीमा क्षेत्र में FDI सीमा को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed