{"_id":"5b3380be4f1c1b36208b54d2","slug":"finance-ministry-gives-approval-for-metro-project-in-these-cities-of-up-and-mp","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर, आगरा सहित एमपी के इन शहरों में भी दौड़ेगी मेट्रो, वित्त मंत्रालय ने दी मंजूरी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
कानपुर, आगरा सहित एमपी के इन शहरों में भी दौड़ेगी मेट्रो, वित्त मंत्रालय ने दी मंजूरी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 27 Jun 2018 05:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के चार बड़े शहरों में मेट्रो चलाने की योजना को वित्त मंत्रालय ने अपनी मंजूरी दे दी है। इन चार शहरों में दो-दो शहर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हैं। इसके अलावा दिल्ली में भी मेट्रो के अगले चरण के लिए मंजूरी मिल गई है।
सबसे लंबा नेटवर्क इंदौर में
चार शहरों में मेट्रो का सबसे लंबा नेटवर्क इंदौर में होगा। यहां पर कुल मिलाकर 104.25 किलोमीटर का नेटवर्क बनेगा, जिसको बनाने में 26762 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है, जहां 95.03 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार होगा।
इसको बनाने में 22504.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। तीसरे नंबर पर यूपी का प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर है, जहां 32.38 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। वहीं ताज नगरी आगरा में 30 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार करने में 12253 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सभी प्रोजेक्ट में जमीन की कीमत और सरकारी टैक्स को नहीं जोड़ा गया है।
विज्ञापन
आगरा में अगस्त में होगा शिलान्यास
अगस्त में ताज नगरी में मेट्रो योजना का शिलान्यास हो जाएगा और 2025 तक शहर में मेट्रो दौड़ने लगेगी। आगरा में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना 2007 में बननी प्रारंभ हुई थी। तब केंद्र की कांग्रेस सरकार ने जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन के तहत यातायात व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव दिया था। खिलेश सरकार ने 2013 से मेट्रो की योजना पर काम शुरू हुआ।
2016 तक राइट्स संस्था ने डीपीआर तैयार कर दी। अखिलेश सरकार गई तो मामला खटाई में पड़ते दिख रहा था। सरकार बदली प्रदेश के कई शहरों को मिलाकर एलएमआरसी को इन शहरों में मेट्रो चलाने का जिम्मा दिया गया।
विज्ञापन
सबसे लंबा नेटवर्क इंदौर में
चार शहरों में मेट्रो का सबसे लंबा नेटवर्क इंदौर में होगा। यहां पर कुल मिलाकर 104.25 किलोमीटर का नेटवर्क बनेगा, जिसको बनाने में 26762 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है, जहां 95.03 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार होगा।
विज्ञापन
इसको बनाने में 22504.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। तीसरे नंबर पर यूपी का प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर है, जहां 32.38 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। वहीं ताज नगरी आगरा में 30 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार करने में 12253 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सभी प्रोजेक्ट में जमीन की कीमत और सरकारी टैक्स को नहीं जोड़ा गया है।
विज्ञापन
आगरा में अगस्त में होगा शिलान्यास
अगस्त में ताज नगरी में मेट्रो योजना का शिलान्यास हो जाएगा और 2025 तक शहर में मेट्रो दौड़ने लगेगी। आगरा में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना 2007 में बननी प्रारंभ हुई थी। तब केंद्र की कांग्रेस सरकार ने जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन के तहत यातायात व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव दिया था। खिलेश सरकार ने 2013 से मेट्रो की योजना पर काम शुरू हुआ।
2016 तक राइट्स संस्था ने डीपीआर तैयार कर दी। अखिलेश सरकार गई तो मामला खटाई में पड़ते दिख रहा था। सरकार बदली प्रदेश के कई शहरों को मिलाकर एलएमआरसी को इन शहरों में मेट्रो चलाने का जिम्मा दिया गया।
यूपी के अन्य शहरों में भी दौड़ेगी मेट्रो
योगी सरकार के प्रयासों से कानपुर, आगरा और मेरठ के लिए प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को केंद्रीय वित्त मंत्रालय की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी मेट्रो ट्रेन दौड़ाने की तैयारी है।
45 मिनट में पूरी होगी दिल्ली से मेरठ की यात्रा
प्रमुख सचिव आवास ने बताया कि दिल्ली और मेरठ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शुरू होने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच की यात्रा महज 45 मिनट में पूरी होगी, जबकि अभी दिल्ली से मेरठ में पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। लोगों को जाम मुक्ति मिलेगी। हालांकि रैपिड रेल के प्रस्ताव पर फैसला पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड लेगा।
आवास एवं नियोजन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री की मंशा के मुताबिक कार्य शुरू हो तो जल्द ही बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और इलाहाबाद के अलावा उन शहरों में भी मेट्रो दौड़ेगी, जिनकी आबादी 5 लाख तक पहुंच चुकी है।
45 मिनट में पूरी होगी दिल्ली से मेरठ की यात्रा
प्रमुख सचिव आवास ने बताया कि दिल्ली और मेरठ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शुरू होने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच की यात्रा महज 45 मिनट में पूरी होगी, जबकि अभी दिल्ली से मेरठ में पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। लोगों को जाम मुक्ति मिलेगी। हालांकि रैपिड रेल के प्रस्ताव पर फैसला पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड लेगा।
आवास एवं नियोजन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री की मंशा के मुताबिक कार्य शुरू हो तो जल्द ही बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और इलाहाबाद के अलावा उन शहरों में भी मेट्रो दौड़ेगी, जिनकी आबादी 5 लाख तक पहुंच चुकी है।