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रिपोर्ट : वित्तमंत्री ने कहा- फिनटेक के इस्तेमाल में डाटा की निजता से समझौता नहीं
Wed, 29 Sep 2021 05:10 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 29 Sep 2021 05:10 AM IST
सार
देश में जनवरी-अगस्त, 2021 के दौरान मूल्य के हिसाब से डिजिटल लेनदेन 6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 2020 में यह 4 लाख करोड़ और 2019 में 2 लाख करोड़ रुपये था।
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : ANI
विस्तार
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) के इस्तेमाल में डाटा की निजता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। देश में डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए ग्राहकों से जुड़ीं जानकारियों को सुरक्षित रखने की जरूरत है।
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सीतारमण ने फिनटेक उद्योग को संबोधित करते हुए कहा कि डाटा की निजता पर विचार भिन्न हो सकते हैं, लेकिन इसका सम्मान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भरोसा पैदा करने का आधार है। जब तक यह सुरक्षित नहीं होगा, कोई भी चीजों से जुड़ना नहीं चाहेगा।
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ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-2021 में जिम्मेदार डिजिटल भुगतान के लिए संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों पर एक रिपोर्ट जारी की गई। इसमें सरकार, यूजर्स, उद्योग और कंपनियों को निर्देशित करने वाले सिद्धांतों के बारे में बताने के साथ वित्तीय प्रोद्योगिकी में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया है।
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वित्तमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्ट समय की जरूरत है, जिससे मैं काफी प्रभावित हूं। मेरा मानना है कि भारत डिजिटल गतिविधियों और डिजिटल भुगतान के लिए प्रमुख गंतव्य है।
डिजिटल धोखाधड़ी रोकने में फिनटेक की अहम भूमिका
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबि शंकर ने कहा कि फिनटेक कंपनियां डिजिटल धोखाधड़ी रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। महामारी के दौरान ऐसी घटनाओं में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि फिनटेक का काम है कि वे धोखाधड़ी को रोकें। जोखिम कम करने के लिए आरबीआई भी सैंडबॉक्स व्यवस्था के जरिये ऐसी संभावनाएं तलाश रही है। नियामक और कंपनियों को अपनी भूमिका निभानी होगी। हमें किसी भी तरह ऑनलाइन धोखाधड़ी और लोगों की निजी जानकारी चोरी होने से रोकने के साथ डाटा की निजता एवं सुरक्षा को बढ़ाना होगा।