Nirmala Sitharaman Press Conference: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की घोषणा, MSME, पीएफ खाताधारक, NBFC सहित इन सबको मिली राहत
20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज के संबंध में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि ये पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा। यह देश की विकास यात्रा को नई गति देगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पैकेज की घोषणा करते हुए कहा था कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी सभी पर बल दिया गया है।
आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है, उसने देशवासियों में नई ऊर्जा भर दी है। लोग संकट में भी अवसर देख रहे हैं। भारत की कंपनियों ने दुनिया में दवाइयां पहुंचाई, जिसकी काफी प्रशंसा हुई। जब तक भारत आत्मनिर्भर नहीं हो जाता, इस दिशा में काम होता रहेगा।
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि प्रतिदिन अलग-अलग सेक्टर को लेकर जानकारी दी जाएगी। डिमांड को कैसे बढ़ाना है, डिमांड सप्लाई चेन कैसे बनी रहे और अर्थव्यवस्था कैसे दुरुस्त रहे इस पर काम करने की जरूरत है। गरीबों के खाते में सीधा पैसा पहुंच रहा है। डीबीटी के जरिए हमारी सरकार गरीबों तक मदद पहुंचाने का काम कर रही है।
एमएसएमई को तीन लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा। एमएसएमई के लिए सरकार छह कदम उठाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 31 अक्तूबर 2020 से एमएसएमई को लोन की सुविधा मिलेगी। बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ तक का लोन दिया जाएगा और 45 लाख एमएसएमई को इसके तहत फायदा होगा। इन्हें एक साल तक मूल धन नहीं चुकाना होगा। तनाव वाली एमएसएमई को 20,000 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा।
जिस MSME का टर्नओवर 100 करोड़ है वे 25 करोड़ तक लोन ले सकते हैं। जो लोन दिया जाएगा उसे चार सालों में चुकाना होगा। आकार बढ़ाने की चाहत रखने वाली एमएसएमई के लिए फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है, जिससे 50 हजार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूजन होगी। जिस MSME का टर्नओवर 100 करोड़ है वे 25 करोड़ तक लोन ले सकते हैं। जो लोन दिया जाएगा उसे चार सालों में चुकाना होगा। आकार बढ़ाने की चाहत रखने वाली एमएसएमई के लिए फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है, जिससे 50 हजार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूजन होगी।
पहले सिर्फ निवेश के आधार पर एमएसएमई की परिभाषा तय की जाती थी, पर अब टर्नओवर के आधार पर भी एमएसएमई की परिभाषा तय की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ज्यादा निवेश वाली कंपनियों को भी एमएसएमई के दायरे में ही रखा जाएगा। माइक्रो यूनिट में 25 हजार रुपये तक का निवेश माना जाता था। इसे बदलकर 1 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही अगर टर्नओवर 5 करोड़ तक का है, तब भी आप माइक्रो यूनिट के अंदर ही आएंगे। इससे एमएसएमई का बिजनेस करना आसान होगा और आत्मनिर्भर भारत अब मेक इन इंडिया के तहत आगे बढ़ेगा।
एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा। आंशिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा। इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनबीएफसी के लिए सरकार की 30 हजार करोड़ की स्पेशल लिक्विडिटि स्कीम है। एनबीएफसी के साथ हाउसिंग फाइनेंस और माइक्रो फाइनेंस को भी इसी 30 हजार करोड़ में जोड़ा गया है। इनकी पूरी गारंटी भारत सरकार देगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डिस्कॉम यानी पावर जनरेटिंग कंपनियों को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है इसलिए उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है। बिजली वितरण कंपनियों की आय में भारी कमी आई है। बिजली उत्पादन और वितरण करने वाली कंपनियों के लिए यह प्रावधान किया गया है। 90 हजार करोड़ रुपये सरकारी कंपनियों पीएफसी, आरईसी के माध्यम से दिया जाएगा।
निर्माण के काम के लिए छह महीने तक के लिए एक्सटेंशन दिया जा रहा है। निर्धारित समय में किए जाने वाले काम को तय तारीख से छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा 25 मार्च 2020 के बाद जो भी रजिस्ट्रेशन और कंस्ट्रक्शन के लिए आगे बढ़े हैं, उन्हें छह महीने के लिए फायदा होगा। बिल्डरों को भी मकान पूरा करने के लिए अतिरिक्त वक्त दिया जाएगा।
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सभी इनकम टैक्स रिटर्न की ड्यू डेट को 31 जुलाई 2020 और 31 अक्तूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 किया गया है। टैक्स ऑडिट की डेट बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 से 31 अक्तूबर 2020 की गई है। इनकम टैक्स में ट्रस्ट, एलएलपी को सभी पेंडिंग फंड तत्काल रूप से दिए जाएंगे।
कल से अगले साल तक टीडीएस और टीसीएस के लिए 25 फीसदी छूट दी जा रही है जो कि अगले साल 31 मार्च 2021 तक जारी रहेगी। यह सभी पेमेंट पर लागू होगा चाहे वह कमीशन हो, ब्रोकरेज हो या कोई अन्य पेमेंट। इससे 50 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। जिनके भी रिफंड लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विवाद से विश्वास स्कीम के तहत जिन कंपनियों के टैक्स विवाद बाकी हैं, वह 31 दिसंबर 2020 तक बिना किसी ब्याज के टैक्स दे सकते हैं।