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Share Market: इक्विटी की तुलना में डेट में चार गुना ज्यादा FII निवेश; जनवरी से अब तक महज ₹13,067 करोड़ की आमद
Thu, 18 Apr 2024 07:36 AM IST
ज्योति भास्कर
अजीत सिंह, अमर उजाला
अजीत सिंह, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 18 Apr 2024 07:36 AM IST
सार
भारत में इक्विटी की तुलना में डेट में चार गुना ज्यादा एफआईआई निवेश हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से अब तक शेयर बाजार में महज 13,067 करोड़ रुपये आए हैं।
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भारतीय शेयर बाजार (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेजी बनी हुई है। पिछले हफ्ते 75,000 के पार पहुंचे सेंसेक्स में जरूर करीब 2,100 अंकों की गिरावट आई है, फिर भी शेयर बाजार की तेजी बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस तेजी में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने इक्विटी में निवेश काफी कम कर दिया है, जबकि डेट में इक्विटी की तुलना में चार गुना से ज्यादा का निवेश किया है।
55,630 करोड़ रुपये का निवेश डेट में
नेशनल सिक्योरिटीज डिप़ॉजिटरी लि. के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से लेकर 16 अप्रैल तक एफआईआई ने बाजार में 13,067 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसी दौरान डेट प्रतिभूतियों में निवेश 55,630 करोड़ रुपये रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि एफआईआई सतर्क रुख अपना रहे हैं। इस कारण ही उनको इस समय भारतीय शेयर बाजार का मूल्यांकन बहुत महंगा लग रहा है।
144 कंपनियों में बढ़ाया हिस्सा
मार्च तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बीएसई 500 की करीब 144 कंपनियों में हिस्सा बढ़ाया। अदाणी की प्रमुख कंपनियों में भी इन्होंने हिस्सेदारी बढ़ाई है। पीएनबी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सिटी यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक में भी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
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मार्च में सर्वाधिक निवेश
ब्लूमबर्ग इंडेक्स में भी भारतीय बॉन्ड
ब्लूमबर्ग भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों को उभरते बाजार और संबंधित इंडेक्स में 31 जनवरी,2025 से शामिल करेगा। शुरुआत में ब्लूमबर्ग के बाजार मूल्य के 10% के शुरुआती वेटेज के साथ ब्लूमबर्ग इमर्जिंग मार्केट लोकल करेंसी सरकारी इंडेक्स में शामिल होगा। हर महीने बॉन्ड के वेटेज को 10-10% बढ़ाया जाएगा। अक्तूबर, 2025 तक बॉन्ड का वेटेज पूर्ण बाजार मूल्य के अनुरूप होगा।
इसलिए डेट में जमकर दांव लगा रहे हैं विदेशी निवेशक
विश्लेषकों का कहना है कि दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनी और बैंकर जेपी मॉर्गन भारत के सरकारी बॉन्ड को अपने इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में शामिल करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारत को विदेशों से सस्ता कर्ज मिल सकेगा और घरेलू डेट बाजार में 2.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी मिल सकता है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी अच्छा खासा इजाफा होगा। बॉन्ड को 28 जून 2024 से 31 मार्च 2025 तक के बीच शामिल किया जाएगा।
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55,630 करोड़ रुपये का निवेश डेट में
नेशनल सिक्योरिटीज डिप़ॉजिटरी लि. के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से लेकर 16 अप्रैल तक एफआईआई ने बाजार में 13,067 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसी दौरान डेट प्रतिभूतियों में निवेश 55,630 करोड़ रुपये रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि एफआईआई सतर्क रुख अपना रहे हैं। इस कारण ही उनको इस समय भारतीय शेयर बाजार का मूल्यांकन बहुत महंगा लग रहा है।
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144 कंपनियों में बढ़ाया हिस्सा
मार्च तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बीएसई 500 की करीब 144 कंपनियों में हिस्सा बढ़ाया। अदाणी की प्रमुख कंपनियों में भी इन्होंने हिस्सेदारी बढ़ाई है। पीएनबी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सिटी यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक में भी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
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मार्च में सर्वाधिक निवेश
| महीना
(आंकड़े करोड़ रुपये में) |
इक्विटी | डेट |
| जनवरी | -25,744 | 19,837 |
| फरवरी | 1,539 | 22,419 |
| मार्च | 35,098 | 13,602 |
| अप्रैल | 2,174 | -228 |
| कुल | 13,067 | 55,630 |
ब्लूमबर्ग इंडेक्स में भी भारतीय बॉन्ड
ब्लूमबर्ग भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों को उभरते बाजार और संबंधित इंडेक्स में 31 जनवरी,2025 से शामिल करेगा। शुरुआत में ब्लूमबर्ग के बाजार मूल्य के 10% के शुरुआती वेटेज के साथ ब्लूमबर्ग इमर्जिंग मार्केट लोकल करेंसी सरकारी इंडेक्स में शामिल होगा। हर महीने बॉन्ड के वेटेज को 10-10% बढ़ाया जाएगा। अक्तूबर, 2025 तक बॉन्ड का वेटेज पूर्ण बाजार मूल्य के अनुरूप होगा।
इसलिए डेट में जमकर दांव लगा रहे हैं विदेशी निवेशक
विश्लेषकों का कहना है कि दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनी और बैंकर जेपी मॉर्गन भारत के सरकारी बॉन्ड को अपने इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में शामिल करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारत को विदेशों से सस्ता कर्ज मिल सकेगा और घरेलू डेट बाजार में 2.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी मिल सकता है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी अच्छा खासा इजाफा होगा। बॉन्ड को 28 जून 2024 से 31 मार्च 2025 तक के बीच शामिल किया जाएगा।