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MPC Meeting Minutes: आरबीआई गवर्नर बोले- महंगाई के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी, अभी सिर्फ आधा काम पूरा हुआ

Thu, 22 Jun 2023 08:20 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 22 Jun 2023 08:20 PM IST
सार

MPC Meeting Minutes: आरबीआई ने मौद्रित नीति समिति की बैठक के दौरान रोपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। रेपो रेट वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य बैंकों को ऋण मुहैया कराता है। मुद्रास्फीति में लगातार गिरावट (वर्तमान में 18 महीने के निचले स्तर पर) और इसकी आगे की गिरावट की संभावना ने केंद्रीय बैंक को प्रमुख ब्याज दर पर फिर से ब्रेक लगाने के लिए प्रेरित किया।

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Fight against inflation not over, job only half done: RBI Governor
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास। - फोटो : PTI

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि भारत में मुद्रास्फीति के स्तर को संतोषजनक दायरे में लाना आधा काम खत्म होने जैसा है। मूल्य वृद्धि के खिलाफ लड़ाई इसी तरह जारी रहनी चाहिए क्योंकि मुद्रास्फीति के आंकड़े दृढ़ता के साथ से 4 प्रतिशत के आसपास बने हुए हैं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि महंगाई के आंकड़ों को टारगेट बैंड 4 से 6 प्रतिशत के बीच लाने से आधा काम पूरा हुआ है। हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है। आरबीआई गवर्नर ने ये बातें बीते 6 से 8 जून के बीच हुए मौद्रिक नीति समिति की बैठक के दौरान कही थी, जिसके मिनट्स गुरुवार को प्रकाशित किए गए।

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एमपीसी की आखिरी बैठक में रेपो रेट को 6.5% पर अपरिवर्तित रखा गया

आरबीआई ने मौद्रित नीति समिति की बैठक के दौरान रोपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। रेपो रेट वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य बैंकों को ऋण मुहैया कराता है। मुद्रास्फीति में लगातार गिरावट (वर्तमान में 18 महीने के निचले स्तर पर) और इसकी आगे की गिरावट की संभावना ने केंद्रीय बैंक को प्रमुख ब्याज दर पर फिर से ब्रेक लगाने के लिए प्रेरित किया। बता दें कि अप्रैल के ठहराव से पहले आरबीआई ने मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई में मई 2022 के बाद से रेपो दर को 250 आधार अंक बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था। आरबीआई गवर्नर ने कहा, 'मौजूदा अनिश्चितताओं को देखते हुए ब्याज दरों में सख्ती के चक्र में हमारे भविष्य के कदम के बारे में कोई निश्चित दिशानिर्देश देना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि आरबीआई बैंकिंग प्रणाली में तरलता के प्रबंधन में चुस्त और लचीला बना रहेगा।

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आरबीआई गवर्नर बोले- वैश्विक विकास से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं

वैश्विक अर्थव्यवस्था के बारे में केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि इसमें वृद्धि की गति स्थिर है पर कुल मिलाकर अनिश्चितता कुछ हद तक कम हो रही है। उन्होंने कहा, "फिर भी वैश्विक वृद्धि परिदृश्य को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।" भू-राजनीतिक संघर्ष बेरोकटोक जारी है। विभिन्न देशों में हेडलाइन मुद्रास्फीति नीचे की ओर बढ़ रही है, लेकिन अभी भी उच्च और अपने संबंधित लक्ष्यों से ऊपर है। केंद्रीय बैंक हाई अलर्ट पर हैं और उभरती परिस्थितियों को लेकर सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि भारत में मुद्रास्फीति में कमी आई है और बाह्य क्षेत्र के परिदृश्य में सुधार हुआ है जबकि बैंकों और कंपनियों की बैलेंस शीट लचीली और स्वस्थ दिख रही है।

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