विनाश की ओर जा रही अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने का किया प्रयासः मोदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूदा मंदी को पलटने की पूरी क्षमता है और यह फिर से विकास की तेज रफ्तार हासिल कर लेगी। एसोचैम के एक कार्यक्रम में उद्योग जगत से मुखातिब प्रधानमंत्री ने कंपनियों से निवेश के साहसिक कदम उठाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कॉरपोरेट जगत को भरोसा दिया कि अर्थव्यवस्था में यह उतार-चढ़ाव पहले भी आया है और भारत इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम है। भारत को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मोदी ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा, जबकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर 25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने की तैयारी है। इससे वर्ष 2024 तक अर्थव्यवस्था के मौजूदा आकार को दोगुना करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं मौजूदा आर्थिक सुस्ती को लेकर हो रही चर्चाओं पर पूरी तरह सजग हूं और इस पर कोई टिप्पणी करने के बजाए सकारात्मक तरीके से निपटने की कोशिश कर रहा हूं।
यूपीए शासन में थी बदतर स्थिति : मोदी ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए शासन में एक तिमाही ऐसी भी थी जिसमें विकास दर 3.5 फीसदी पहुंच गई थी। इतना ही नहीं खुदरा महंगाई 9.4 फीसदी, बुनियादी महंगाई 7.3 फीसदी, थोक महंगाई 5.2 फीसदी और राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.6 फीसदी पहुंच गया था।
कॉरपोरेट अपराध घटाने का भरोसा
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत को भरोसा देते हुए कहा कि उनकी सरकार भयमुक्त माहौल बनाने के लिए कॉरपोरेट अपराधों की संख्या घटाने पर जोर दे रही है। इसके लिए कंपनी कानून में कई तरह के बदलाव किए हैं और आगे भी संशोधन होंगे। कंपनियों की सहूलियत के लिए दिवालिया कानून में भी प्रावधान किए गए हैं। इन फैसलों से कॉरपोरेट जगत और उनकी पूंजी को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। मोदी ने कहा, मैं कॉरपोरेट और बैंकिंग जगत को भरोसा देना चाहता हूं कि व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों को दूर किया जाएगा, ताकि वे ज्यादा निडर होकर निवेश के फैसले ले सकें। सरकार उन मामलों में कोई कदम नहीं उठाएंगी, जहां वास्तविक वाणिज्यिक फैसले लिए गए हों।
वैश्विक निवेशकों में नई उम्मीद
पिछले पांच वर्षों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में हुए इजाफे की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि वैश्विक निवेशक भारत की ओर नई उम्मीद और भरोसे के साथ देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, मेरे लिए एफडीआई का मतलब फर्स्ट डेवलप इंडिया। दुनिया अब भारत की क्षमताओं पर नए तरह से भरोसा कर रही है। हमारी सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती के लिए अभी तक 2.36 लाख करोड़ और 70 हजार करोड़ की राशि सिस्टम में डाली है।
पीएम की नौ बड़ी बातें
- पूरे देश में नवाचार और उद्यम का नया मिजाज चल रहा।
- अचानक नहीं मिल सकता 50 खरब डॉलर का लक्ष्य, धीरे-धीरे आ रही मजबूती।
- कारोबारी सुगमता रैंकिंग में भारत पांच वर्षों में 142वेें से 63वें पायदान पर आ गया।
- पिछले तीन वर्षों में लगातार सुधार करने वाले शीर्ष-10 देशों में शामिल हो गया है भारत।
- भारत ने सिर्फ पांच वर्षों में जुटाया पिछले 70 साल जितना एफडीआई।
- दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है भारत।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में भी आया है बड़ा सुधार।
- सभी कॉरपोरेट विफलताएं धोखाधड़ी से नहीं होतीं, यह आपराधिक मामला नहीं।
- भारतीय अर्थव्यवस्था को औपचारिक व आधुनिक बनाने पर जोर।
-