सरकार ने दी कृषि क्षेत्र को राहत, एक करोड़ रुपये से अधिक कैश पेमेंट पर नहीं कटेगा टीडीएस
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। किसानों को उपज का भुगतान मिलने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके मद्देनजर सरकार ने टीडीएस पर फैसला लिया है। अब कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक के नकद भुगतान पर टीडीएस नहीं कटेगा।
आम बजट में हुई थी घोषणा
आम बजट में केंद्र सरकार ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी निकालने पर दो फीसदी टीडीएस लगाने का प्रस्ताव किया था, जो एक सितंबर से प्रभावी हुआ था। सरकार द्वारा ये कदम डिजिटल लेन-देन को बढ़ावे देने के लिए उठाया गया था।
देशभर की मंडियों में विरोध
टीडीएस लागू होने के प्रस्ताव का देशभर की मंडियों में विरोध होने लगा था। व्यापारियों का कहना था कि किसानों की आय पर वैसे भी आयकर नहीं है। ऐसे में व्यापारियों पर बेवजह कर का भार आ सकता है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश की सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर टीडीएस हटाने की मांग भी की थी।
बैंकों द्वारा दो फीसदी टीडीएस काटे जाने के विरोध में सोमवार को शामली गुड़ मंडी के व्यापारी हड़ताल पर रहे। उन्होंने अपना कारोबार बंद करके शामली कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि वे मंडी व्यापारियों से दो फीसदी टीडीएस काटने के कानून के विरुद्ध है। इस काले कानून को समाप्त किया जाए।
इससे पहले गुड़ गल्ला व्यापार कमेटी के आह्वान पर हापुड़ नवीन मंडी में भी व्यापारियों ने दो फीसदी टीडीएस कटौती लागू किए जाने का कड़ा विरोध कर हड़ताल की थी। ऐसे में गुड़ आदि लेकर पहुंचे किसानों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा था।