फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   eyes of the government are on those who do not pay taxes what is raid and when or why it happen know all details

Income Tax Raid: टैक्स न भरने वालों पर होती है सरकार की पैनी नजर, यहां जानें कब और कैसे पड़ता है छापा

Fri, 31 Dec 2021 05:06 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Fri, 31 Dec 2021 05:06 PM IST
सार

Know About Income Tax Raid: अभी इत्र कारोबारी पियूष जैन के घर छापेमारी का मामला शांत भी नहीं पड़ा और समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन के घर आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा है। इससे पहले भी देश में बड़ी और चौंका देने वाली छापेमार कार्रवाई सामने आ चुकी हैं। आइए जानते हैं कि कब और कैसे पड़ता है छापा, आयकर विभाग किस तरह करता है तैयारी।

विज्ञापन
eyes of the government are on those who do not pay taxes what is raid and when or why it happen know all details
आईटी रेड

विस्तार

अभी इत्र कारोबारी पियूष जैन के घर छापेमारी का मामला शांत भी नहीं पड़ा और समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन के घर आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा है। इससे पहले भी देश में बड़ी और चौंका देने वाली छापेमार कार्रवाई सामने आ चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कब और कैसे पड़ता है छापा, आयकर विभाग किस तरह करता है तैयारी और छापेमारी के दौरान क्या नहीं कर सकते अधिकारी। तो आइए जाने छापेमारी से जुड़ी हर बारीकियों के बारे में।  

विज्ञापन


इनकम टैक्स रेड को ऐसे समझें
इनकम टैक्स रेड या आयकर छापेमारी दरअसल, आयकर की धारा 132 के तहत आती है। इसके तहत अधिकारी किसी व्यक्ति के कारोबार या घर कहीं पर भी छापा मार सकता है। ये कार्रवाई किसी भी समय पर की जा सकती है। साथ ही इसके खत्म होने की भी कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। कार्रवाई के दौरान गड़बड़ मिलने पर जब्ती  के साथ-साथ पूरे परिसर में मौजूद किसी भी व्यक्ति की तलाशी ली जा सकती है, जिसमें स्थानीय पुलिस की मदद भी ली जाती है। 
विज्ञापन


तोड़-फोड़ करने की भी छूट
गौरतलब है कि आयकर विभाग की टीम को रेड के दौरान अगर बड़ी गड़बड़ी के सबूत मिलते हैं या फिर कोई संदेह होता है तो टीम में शामिल अधिकारी सख्ती भी बरतने के लिए स्वतंत्र होते हैं। यहां तक की रेड के दौरान अधिकारी जानकारी बाहर निकालने के लिए ताले या दीवारों तक को तोड़ सकते हैं। रेड 2-3 दिनों तक चल सकती है और इस दौरान घर या दफ्तर में मौजूद लोग बिना आयकर अधिकारियों की इजाजत के बाहर नहीं जा सकते। आयकर अधिकारी रेड मारते जाते हैं और से तमाम चीजें अपने कब्जे में लेते जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए पड़ता है आयकर छापा
आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय के तहत आने वाली आयकर विभाग, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और प्रवर्तन निदेशायल यानी ईडी जैसी एजेंसियां ऐसे लोगों पर पैनी नजर रखती हैं, जो टैक्स नहीं भरते या फिर जिनकी टैक्स और कमाई में अंतर आता है। अथवा ऐसे लोग आयकर विभाग के रडार पर होते हैं जिन पर टैक्स चोरी का शक होता है। इसके अलावा कई बार इन एजेंसियों को काले धन या फिर टैक्स चोरी से जुड़ी गुप्त सूचना मिलती है तो ऐसे में उन पर नजर रखने के सही मौका देख छापेमार कार्रवाई की जाती है। 

पूरी तैयारी से पड़ती है रेड 
आयकर विभाग की कोशिश यह होती है कि छापा ऐसे वक्त मारा जाए, जब व्यक्ति को उसका अंदाजा ना हो। ऐसे में उसे संभलने का बिल्कुल भी मौका ना मिले। अधिकतर रेड सुबह तड़के या फिर देर रात में इसी लिए अंजाम दी जाती हैं। दरअसल, ऐसे समय में कार्रवाई इसलिए की जाती है, ताकि तेजी से आरोपी के घर में पहुंचा जा सके और कुछ समझ पाने से पहले उसे दबोच लिया जाए। जब छापा मारा जाता है तो आयकर अधिकारियों के साथ पुलिस बल और कभी-कभी तो अर्ध-सैनिक बल भी मौजूद होता है।

इन कारणों से पड़ती है रेड 
गैरकानूनी तरीके से 1 करोड़ से अधिक की धनराशि कैश में रखना, जिसका कोई सोर्स न हो। आय के साधन से अधिक धन हासिल किया हो या फिर भारी मात्रा में सोना-चांदी मौजूद हो और उसका कोई लेखा-जोखा ना हो। इसके अलावा बैंक अकाउंट के जरिए भी बड़े ट्रांजैक्शन होते हों और इसकी तुलना में टैक्स रिटर्न कम भरा जाता हो। इस तरह के मामले आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई की प्रमुख वजह होते हैं। नशीले पदार्थों या कोई भी तस्करी, धोखाधड़ी, नकली करेंसी, नकली स्टांप और अन्य गैर-कानूनी कामों के माध्यम से जमा बेहिसाब दौलत का साक्ष्य मिलेन पर भी छापा पड़ सकता है।

ये सामान जब्त नहीं कर सकती टीम
अगर आयकर विभाग का छापा किसी दुकान या शोरूम में मारा गया है तो वहां बेचने के लिए रखे गए सामान को जब्त नहीं किया जा सकता। ऐसे माल की दस्तावेजों में एंट्री हो सकती है। वहीं कुछ खास स्थितियों में इस माल या कनसाइनमेंट से जुड़े कागजातों को जब्त किया जा सकता है। इसके अलावा दुकान या घर से भारी मात्रा में कैश या सोना या और कीमती चीजें मिलती हैं, जिसका लेखा-जोखा व्यक्ति के पास हो यानी उसने आईटीआर में इस संपत्ति को सार्वजनिक किया हो, वह सामान भी छापेमारी करने आई टीम जब्त नहीं कर सकती है। 


अपने अधिकारों को भी जानें
अगर आपके घर आयकर विभाग की टीम छापेमारी के लिए पहुंची हो तो आप सबसे पहले उस टीम से सर्च वारंट दिखाने के साथ उनका पहचान पत्र दिखाने को कह सकते हैं। वहीं अगर छापा मारने आई टीम घर की महिलाओं की तलाशी लेना चाहे तो ऐसा सिर्फ महिला कर्मी ही कर सकती है। अगर सभी पुरुष हैं तो वह चाहकर भी घर की महिला की तलाशी नहीं ले सकते, भले ही अधिकारियों को महिला के कपड़ों में कुछ छुपे होने का शक हो। आयकर अधिकारी आपको खाना खाने या आपके बच्चों के स्कूल बैग चेक करने के बाद उन्हें स्कूल जाने से नहीं रोक सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed