जेट में निवेश के लिए तैयार हुआ एतिहाद, आखिरी वक्त में जमा की बोली
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जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली अबू धाबी की कंपनी एतिहाद एयरवेज आखिरकार निवेश करने को तैयार हो गया है। एतिहाद ने आखिरी क्षणों में अपनी वित्तीय और तकनीकी बोली को जमा कर दिया है।
एतिहाद के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि कंपनी जेट एयरवेज में निवेश करने के लिए तैयार हो गई है। हालांकि यह नियमों के अनुसार 49 फीसदी हिस्सेदारी ही खरीद सकती है। बाकी की 51 हिस्सेदारी भारतीय कंपनियों को खरीदनी होगी। एतिहाद के इस कदम से जेट एयरवेज के फिर से उड़ान संचालन करने की संभावना को बल मिला है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि भारत विशव में एक सबसे तेजी से बढ़ता हुआ विमानन बाजार है। यह संयुक्त अरब अमीरात का भी एक मुख्य सहयोगी है। एतिहाद पिछले 15 महीने से जेट के मुख्य स्टेकहोल्डर्स से चर्चा कर रहा था ताकि कंपनी को किसी भी हालत में चलाया जा सके।
जेट ने पिछले 17 अप्रैल को पैसों की कमी के चलते अपना संचालन अस्थाई तौर पर बंद कर दिया था।
गौरतलब है कि जेट को खरीदने के लिए एतिहाद एयरवेज, नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, टीपीजी कैपिटल और इंडिगो पार्टनर्स ने निविदाएं जमा की थीं। सभी निविदाकर्ता जेट एयरवेज के 75 फीसदी शेयर खरीदने के लिए बोली लगा सकते हैं।
यह बनाए हैं नियम
एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के कंशोर्सियम ने जो नियम बनाए हैं उसके तहत निविदाकर्ता के पास कम से कम एक हजार करोड़ रुपये की नेटवर्थ होनी चाहिए। इसके अलावा तीन साल का विमानन क्षेत्र में काम करने का अनुभव भी होना चाहिए।
वहीं वित्तीय निवेशकों के पास कम से कम दो हजार करोड़ रुपये का असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) या फिर एक हजार रुपये भारतीय कंपनी में निवेश करने के लिए होना चाहिए।