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Electoral Bond: क्विक सप्लाई तीसरी सबसे बड़ी चुनावी बॉण्ड खरीदार; रिलायंस से संबंध का दावा, पर कंपनी ने नकारा
Fri, 15 Mar 2024 03:19 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 15 Mar 2024 03:19 PM IST
सार
Electoral Bond: सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार क्विक सप्लाई गोदामों और भंडारण इकाइयों का निर्माण करता है। इस गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी का नौ नवंबर 2000 को 130.99 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी के साथ निबंधन कराया गया था।
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विस्तार
क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड चुनावी बॉण्ड के जरिए राजनीतिक दलों को दान करने वाली तीसरी सबसे बड़ी दानकर्ता है। क्विक सप्लाई नवी मुंबई के धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (डीएकेसी) के पंजीकृत पते वाली कंपनी है। दावा किया जा रहा है कि यह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी है पर इस कंपनी का नाम अब तक कम ही लोगों ने सुना है
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कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 और 2023-24 के बीच 410 करोड़ रुपये के चुनावी बॉण्ड खरीदे। हालांकि, रिलायंस ने कहा है कि यह कंपनी रिलायंस की किसी भी इकाई की सब्सिडियरी कंपनी नहीं है। चुनाव आयोग की ओर से अपनी वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार, क्विक सप्लाई के अलावे एक अन्य कम प्रसिद्ध लॉटरी कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने 1,368 करोड़ रुपये और हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रा ने 966 करोड़ रुपये राजनीतिक पार्टियों को दिए हैं।
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सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार क्विक सप्लाई गोदामों और भंडारण इकाइयों का निर्माण करता है। इस गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी का नौ नवंबर 2000 को 130.99 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी के साथ निबंधन कराया गया था। इसकी चुकता पूंजी 129.99 करोड़ रुपये है। अप्रैल, 2022 से मार्च, 2023 में कंपनी का राजस्व 500 करोड़ रुपये से अधिक था। हालांकि कंपनी के मुनाफे का आंकड़ा ज्ञात नहीं है।
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