ED Action: गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक घोटाले मामले में एक शख्स गिरफ्तार, 1000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी
प्रवर्तन निदेशालय( ईडी) ने पीएमएलए के तहत श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक नियामिथ के मामले में राजेश वीआर को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार किया।
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प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को बेंगलुरु स्थित श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में राजेश वीआर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कथित तौर पर 1,000 करोड़ से अधिक के सार्वजनिक धन की हेराफेरी का आरोप है। ईडी ने कहा, बैंक प्रबंधन की मिलीभगत से बैंक से निकाले गए पैसे का वह प्रमुख लाभार्थी है। एजेंसी ने पिछले साल फरवरी में इस सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रामकृष्ण को गिरफ्तार किया था। आरबीआई की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, राजेश वीआर ने बैंक से 40.40 करोड़ का ऋण लिया और उसे नहीं चुकाया।
जेट एयरवेज संस्थापक नरेश गोयल के खिलाफ ईडी की प्राथमिकी रद्द
उधर, जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने गुरुवार को गोयल दंपती के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द कर दिया। ईडी ने 2020 में एक ट्रैवल एजेंसी की शिकायत पर मुंबई पुलिस की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद गोयल और अन्य लोगों के खिलाफ पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसके खिलाफ गोयल दंपती ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। जस्टिस रेवती मोहित ढेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, 20 फरवरी 2020 को दर्ज की गई ईसीआईआर और गोयल दंपती के खिलाफ सभी कार्यवाही गैरकानूनी हैं। इसलिए ईसीआईआर कानून के विपरीत होने के आधार पर रद्द किया जाता है।
46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का लगा था आरोप : ईडी की ईसीआईआर के मुताबिक, अकबर ट्रैवल्स ने गोयल दंपती पर 46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया था। ट्रैवल्स का आरोप था कि विमानन कंपनी के अक्तूबर 2018 में उड़ान संचालन रद्द करने के बाद उसे 46 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस मामले में पुलिस ने मार्च 2020 में एक क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी कि शिकायत में कुछ ठोस सबूत नहीं मिला।