फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   EAC PM part time member Neelkanth Mishra says RBI should ease liquidity instead of cutting rates

Neelkanth Mishra: 'RBI दरों में कटौती करने के बजाय तरलता को आसान बनाए', मिश्रा बोले-वृद्धि दर बढ़ाने पर हो जोर

Wed, 19 Feb 2025 08:22 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 19 Feb 2025 08:22 AM IST
सार

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अंशकालिक सदस्य नीलकंठ मिश्रा ने कहा, इस महीने की शुरुआत में दरों में कटौती की गई और आगे ऐसा होता है तो उधारी में वृद्धि नहीं होगी साथ ही, तरलता की दिक्कत से बाधा उत्पन्न होगी।

विज्ञापन
EAC PM part time member Neelkanth Mishra says RBI should ease liquidity instead of cutting rates
नीलकंठ मिश्रा, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अंशकालिक सदस्य - फोटो : अमर उजाला/ एजेंसी

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक का इरादा विकास को गति देना है तो उसे दरों में कटौती करने के बजाय तरलता को आसान बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अंशकालिक सदस्य नीलकंठ मिश्रा ने कहा, इस महीने की शुरुआत में दरों में कटौती की गई और आगे ऐसा होता है तो उधारी में वृद्धि नहीं होगी साथ ही, तरलता की दिक्कत से बाधा उत्पन्न होगी।

विज्ञापन


मिश्रा ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने कहा, उसका उद्देश्य वित्तीय स्थितियों को आसान बनाना और विकास को समर्थन देना है, तो मेरा सुझाव सबसे पहले तरलता पर ध्यान केंद्रित करना होगा, क्योंकि दरों में कटौती से मदद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, यदि दर में कटौती का उद्देश्य अधिक उधार लेना है, तो नए कर्ज कम दर पर नहीं मिलेंगे, क्योंकि पिछले 18 महीनों से चल रही तरलता की तंगी के कारण पैसे जुटाने की लागत ऊंची बनी हुई है। रेपो दर में 0.25 फीसदी कटौती के बावजूद एक साल की जमा प्रमाणपत्र दर अब भी 7.8 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


0.75 फीसदी  तक हो सकती है दरों में कटौती
मिश्रा ने कहा, विश्लेषकों को इस साल तीन बार में 0.75 फीसदी तक ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। आरबीआई ने रेपो दर घटाने के बाद उम्मीद जताई थी कि लगभग 40 प्रतिशत ऋणों का पुनर्मूल्यांकन तुरंत हो जाएगा, क्योंकि वे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं। अन्य में दो तिमाहियों तक का समय लगेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed