फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   E-mail to 1.72 lakh taxpayers in tax case owed by Income Tax Department

आयकर विभाग का बकाया टैक्स मामले में 1.72 लाख करदाताओं को ई-मेल, कहा डरने की जरूरत नहीं

Tue, 21 Apr 2020 07:17 PM IST
श्रीधर मिश्रा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Tue, 21 Apr 2020 07:17 PM IST
विज्ञापन
E-mail to 1.72 lakh taxpayers in tax case owed by Income Tax Department
आयकर विभाग
आयकर विभाग ने स्टार्टअप, कंपनियों और व्यक्तियों समेत 1.72 लाख करदाताओं को ई-मेल भेजकर बकाया टैक्स मांग के बारे में जानकारी देने को कहा है। दरअसल इन करदाताओं पर बकाया टैक्स मांग के साथ टैक्स रिफंड का दावा भी है।
विज्ञापन


करदाताओं को आठ अप्रैल से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबडीटी) कोरोना महामारी की स्थिति में मदद के लिये तेजी से टैक्स रिफंड कर रहा है। बोर्ड ने अबतक 14 लाख अलग-अलग करदाताओं को 9,000 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड दिया है। इन करदाताओं में व्यक्तिगत करदाता, हिदु अविभाजित परिवार, कंपनियां, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं।
विज्ञापन


इस मामले में सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि उसने ई-मेल भेजकर उन सभी से स्पष्टीकरण मांगा है, जिनकी टैक्स वापसी होनी है पर उन पर बकाया टैक्स मांग भी है। टैक्स डिपार्टमेंट (कर विभाग) ने यह भी कहा है कि इसे उत्पीड़न नहीं समझा जाना चहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बयान के मुताबिक, ‘‘विभाग ने करदाताओं को एक मौका दिया है। वे टैक्स मांग का भुगतान कर सकते हैं या उक्त मांग की स्थिति के बारे में सूचना दे सकते हैं। सभी को इस तरह के ई-मेल या पत्र देने का मकसद करदाताओं को यह सूचना देना है कि उन पर टैक्स बकाया है। साथ ही उन्हें अवसर दिया जाता है कि या तो वे टैक्स मांग का भुगतान कर दें या फिर अगर उन्होंने पहले जमा कर दिया है तो उसका ब्योरा दें या स्थिति स्पष्ट करें।’’

सीबीडीटी ने कहा कि करदाताओं को लंबित मांग के बारे में जानकारी देनी है। उन्हें यह बताना है कि उन्होंने संबंधित राशि का भुगतान कर दिया या अपीलीय/सक्षम प्राधिकरण ने उस पर रोक लगायी है ताकी, विभाग उसे स्थगित कर दे और रिफंड राशि उसमें नहीं काटे।

विभाग के मुताबिक इसका मकसद इस मामले में वास्तविक स्थिति का पता लगाकर सही कदम उठाना है। ताकी, बिना किसी देरी के स्टार्टअप समेत करदाताओं को रिफंड किया जा सके।


सीबीडीटी ने यह भी कहा कि इस तरह का ई-मेल सिर्फ एक अनुरोध है ताकी संबंधित करदाताओं को टैक्स रिटर्न और बकाया टैक्स के समायोजन के बारे में ताजी जानकारी मिल सके। इस ई-मेल को वसूली का नोटिस या डराने जैसी बात बिल्कुल नहीं समझी जाए। बोर्ड ने आगे कहा, ‘‘करदाताओं से जवाब नहीं मिलने के कारण कई टैक्स रिटर्न लंबित पड़े हैं और सूचना मिलते ही उसे तुरंत जारी कर दिया जाएगा।’’
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed