Tax Collection: प्रत्यक्ष कर संग्रह 7 फीसदी बढ़कर 12.92 लाख करोड़ के पार, सरकार ने जारी किए आंकड़े
चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह सात प्रतिशत बढ़कर 12.92 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वहीं टैक्स रिफंड में 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। आइए विस्तार से जानें।
विस्तार
वित्त वर्ष 2026 में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कर राजस्व बढ़कर 12.92 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसका कारण अधिक कॉर्पोरेट कर संग्रह व धीमी रिफंड दर है। सरकार की ओर से जारी किए गए टैक्स रिफंड में 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 1 अप्रैल से 10 नवंबर के बीच कुल 2.42 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं।
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कॉरपोरेट टैक्स और गैर-कॉरपोरेट टैक्स का आंकड़ा
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कॉरपोरेट टैक्स से शुद्ध संग्रह बढ़कर 5.37 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5.08 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, गैर-कॉरपोरेट टैक्स (जिसमें व्यक्तिगत करदाता और हिंदू अविभाजित परिवार शामिल हैं) से अब तक 7.19 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 6.62 लाख करोड़ रुपये था।
प्रतिभूति लेनदेन में आई मामूली गिरावट
इस वित्त वर्ष में अब तक प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 35,682 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 35,923 करोड़ रुपये से मामूली कम है। चालू वित्त वर्ष में 10 नवंबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह, जिसमें व्यक्तिगत आयकर और कॉर्पोरेट कर शामिल हैं, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत बढ़कर 12.92 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। पिछले साल की समान अवधि में यह लगभग 12.08 लाख करोड़ रुपये था।
रिफंड समायोजित करने से पहले सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह इस वित्तीय वर्ष में अब तक 15.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.15 प्रतिशत अधिक है।
कर संग्रह को लेकर सरकार का अनुमान
चालू वित्त वर्ष में, सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह 25.20 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह पिछले साल की तुलना में 12.7 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 26 में एसटीटी से 78,000 करोड़ रुपये जुटाना है।
ब्याज दरों में कटौती के बावजूद गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह में आई गिरावट
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर रोहिंटन सिधवा ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल ब्याज दरों में भारी कटौती के बावजूद गैर-कॉर्पोरेट कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि जारी है। यह एक बहुत अच्छा संकेत है, जो आय के स्तर में मजबूत वृद्धि दर्शाता है। दूसरी ओर, रिफंड में काफी कमी आई है। सिधवा ने कहा कि एसटीटी संग्रह मोटे तौर पर स्थिर रहा है, जो सूचकांकों की गति को दर्शाता है। आईपीओ विस्तार को देखते हुए, इसमें और वृद्धि की संभावना है।